
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। समाज में बदलाव की शुरुआत जब किसी के निस्वार्थ प्रयासों से होती है तो वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन जाती है। महिलाओं और किशोरियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा उनके कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत हल्द्वानी की समाजसेवी और शिक्षाविद शांति जीना को प्रतिष्ठित ‘नारी प्रेरणा गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
शांति जीना वर्तमान में हल्द्वानी के लालडांठ क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित लिटिल फ्लावर स्कूल की प्रधानाचार्य हैं। इसके साथ ही वह पुनर्नवा महिला समिति के सचिव पद का दायित्व भी संभाल रही हैं। इस संस्था के माध्यम से वह सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग, महिला रामलीला का आयोजन और महिलाओं को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने जैसे कार्यों के जरिए वह समाजहित में अपना योगदान दे रही हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करने के साथ महिलाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
अल्मोड़ा की ‘मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति’ ने वर्ष 2024 के इस सम्मान के लिए शांति जीना का चयन किया है। समिति के संस्थापक एवं निदेशक हेमंत कुमार जोशी की ओर से भेजे गए पत्र में इसकी जानकारी दी गई है।
पत्र के अनुसार, शांति जीना की समाज के प्रति प्रतिबद्धता, निरंतर प्रयासों और महिलाओं एवं किशोरियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में किए गए प्रेरणादायी कार्यों को देखते हुए उनका चयन किया गया है।
समिति ने उनके सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा है कि उनके जैसे कर्मठ एवं समर्पित महिलाओं के प्रयासों से समाज में नारी का सम्मान, स्वाभिमान और गौरव निरंतर बढ़ता है। उनकी सामाजिक सेवाएं अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।
उल्लेखनीय है कि संगीतकार स्वर्गीय मोहन उप्रेती की स्मृति में वर्ष 1998 में स्थापित यह समिति वर्ष 2000 से कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करती आ रही है।
समिति ने शांति जीना से सम्मान समारोह में गरिमामयी उपस्थिति के लिए सहमति देने का अनुरोध किया है। समारोह का आयोजन दिसंबर के आखिरी सप्ताह में होगा जिसकी तिथि का ऐलान जल्द होगा।











