
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट को मुख्य मोटरमार्ग से सर्वे के बावजूद मोटरमार्ग से नहीं जोड़ने संबंधी जनहित याचिका में राज्य सरकार से दो माह के भीतर रोड का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि जितना जल्द हो सके रोड का निर्माण कार्य किया जाए, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांगों को अपने साथियो/परिजनों की अंतिम यात्रा में सामिल होने का मौका मिल सके।
सुनवाई के दौरान वन विभाग की तरफ से कहा गया कि यह मामला केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास विचाराधीन है। उसे बनाने की अनुमति अभी तक नही मिली है। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए सहज अंदाज में कहा कि एक दिन तो सभी को वहाँ जाना है, इसलिए वहाँ जाने के लिए सुविधाएँ होनी चाहिए, ताकि वे अपने परिजनों को अंतिम विदाई दे सकें।
याचिकाकर्ता कि तरफ से कहा गया कि रोड का सर्वे लंबे समय पहले हो चुका है। समय बीतने के बावजूद उसका निर्माण नहीं हो सका है। इसलिए वहाँ के लिए इस रोड का शीघ्र निर्माण करवाने के आदेश सरकार सहित अन्य विभागों को दिया जाय।
मामले के अनुसार नैनीताल निवासी मनोज साह जगाती ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट में सर्वे होने के बाद भी घाट को मोटर मार्ग से नहीं जोड़ा गया, जबकि मोटर मार्ग का सर्वे जिलाधिकारी व कमिश्नर की संस्तुति पर पूर्व में हो चुका है।
घाट तक मोटर मार्ग नहीं होने के कारण लोगों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, घाट में पानी, बैठने की जगह व लकड़ियां आदि मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ा जाय और वहाँ पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट ✍️)











