
लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। बेहतर भविष्य के सपने देखने के साथ मन को स्वस्थ रखना भी जरूरी है। पढ़ाई का दबाव, प्रतिस्पर्धा और जीवन की चुनौतियों के बीच यदि विद्यार्थी अपनी भावनाओं को समझना और तनाव से सकारात्मक ढंग से निपटना सीख लें तो सफलता की राह आसान हो सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य के इसी महत्वपूर्ण संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट में विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
मनोविज्ञान विभाग के तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शब्द साहचर्य और आशु भाषण प्रतियोगिताएं हुईं। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी त्वरित सोच, भाषाई कौशल और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता का परिचय दिया।
मनोविज्ञान विभाग प्रभारी एवं महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. रेखा जोशी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक उपलब्धियों और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, तनाव का सकारात्मक ढंग से सामना करने और जरूरत पड़ने पर अपनी समस्याएं दूसरों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया।
दोनों प्रतियोगिताओं में अर्पिता प्रथम
शब्द साहचर्य प्रतियोगिता में अर्पिता राय ने पहला, आदित्य पांडेय ने दूसरा और स्नेहा सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। श्वेता वर्मा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। वहीं आशु भाषण प्रतियोगिता में भी अर्पिता राय ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। आदित्य पांडेय दूसरे और पुष्पा महर तीसरे स्थान पर रहीं।
निर्णायक मंडल में डॉ. लता कैड़ा, डॉ. भगत राम लोहिया और डॉ. स्वाति कांडपाल शामिल रहे।
इस अवसर पर डॉ. किशोर चंद्र जोशी, डॉ. विभा पाण्डे, डॉ. ममता बिष्ट, डॉ. वंदना चंद, डॉ. अनीता टम्टा, डॉ. अनीता खर्कवाल, डॉ. नीरज कांडपाल, डॉ. नवल किशोर लोहनी, डॉ. उमा कांडपाल, डॉ. सरस्वती जोशी, डॉ. खिलानंद जोशी, डॉ. केशव जोशी, डॉ. गीतम भट्ट, प्रीति सामंत सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की रिपोर्ट ✍️)











