
लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। जहां पहाड़ के युवा रोजगार की तलाश में गांव छोड़ने को मजबूर हैं, वहीं कुछ लोग अपनी मेहनत और हौसले से पहाड़ में ही खुशहाली की नई इबारत लिख रहे हैं।
सीमित संसाधनों के बीच खेती-बागवानी को रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनाकर एक प्रगतिशील किसान ने ऐसी मिसाल पेश की है, जो न केवल दूसरे किसानों बल्कि युवाओं को भी अपनी मिट्टी से जुड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
सेब, कीवी और अन्य फलदार पौधों से लहलहाते बागान के साथ पशुपालन और कुक्कुट पालन को भी उन्होंने अपनी आजीविका का हिस्सा बनाया है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर आसपास के 10 अन्य किसान भी खेती-बागवानी की राह पर आगे बढ़े हैं।
विकासखंड लोहाघाट के ग्राम मोत्यूराज निवासी प्रगतिशील काश्तकार नरेंद्र सिंह करायत ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें सम्मानित करते हुए कृषि, बागवानी और ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के उनके प्रयासों की सराहना की।
करायत उद्यान विभाग के सहयोग से ‘एप्पल मिशन’ और अन्य योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर बागवानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके बगीचे में आयातित प्रजातियों समेत सेब के करीब 3500 पौधे, 500 कीवी के पौधे, नींबू, चेरी और अन्य फलदार पौधे मिलाकर 5000 से अधिक पौधे लहलहा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 15 क्विंटल सेब और 4-5 क्विंटल कीवी की पैदावार हुई है, जिसकी तुड़ाई हाल ही में शुरू हुई है।
बागवानी के साथ वे पशुपालन और कुक्कुट पालन में भी सक्रिय हैं। उनके पास करीब 10 दुधारू गायें हैं, जिनसे रोज 40-45 लीटर दूध का उत्पादन कर वे डेयरी को आपूर्ति करते हैं। उनके पोल्ट्री फार्म में लगभग 500 मुर्गियां हैं, जिनसे प्रतिदिन 150-200 अंडे मिलते हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के गांवों के 10 अन्य काश्तकारों ने भी खेती-बागवानी शुरू कर दी है।
करायत ने शासन-प्रशासन और उद्यान विभाग के सहयोग के लिए आभार जताया और कुछ स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए उनकी मेहनत की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आश्वस्त किया कि कृषि, बागवानी और किसानों की बुनियादी समस्याओं के समाधान में प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा, ताकि क्षेत्र के अन्य युवा भी इससे प्रेरणा ले सकें।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की रिपोर्ट ✍️)











