
नई दिल्ली, प्रेस 15 न्यूज। दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान बर्बरतापूर्ण पुलिस लाठीचार्ज को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और इस तरह समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली में कोकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हमारा समय बर्बाद मत कीजिए और अपना समय भी बर्बाद मत कीजिए।”
जब वकील ने कहा कि उनके पास ऐसे वीडियो हैं जिनमें पुलिस की कथित ज्यादती दिखाई दे रही है, तो CJI ने स्पष्ट कहा, “हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।”
याचिका में दावा किया गया था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध करने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने फिलहाल इस मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।





