
लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। नगर के समीप सुई गांव में गुलदार द्वारा 13 वर्षीय किशोर की जान लेने के बाद पूरे क्षेत्र में दिन में भी अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। गुलदार के नरभक्षी होने से हर व्यक्ति डरा और सहमा हुआ है। लोग अकेले निकलने से बच रहे हैं और समूह में ही आवाजाही कर रहे हैं।
वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में पिंजरे लगाने के साथ ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है, लेकिन अब तक गुलदार की आवाजाही कैमरों में कैद नहीं हुई है। वनकर्मी रातभर लगातार गश्त कर रहे हैं।
डीएफओ धिनो पुरुषोत्तमन ने शुक्रवार को फिर प्रभावित क्षेत्र में जाकर लोगों से बात की और कहा कि वन विभाग ने पूरे इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की पहली प्राथमिकता नरभक्षी गुलदार को पकड़ना है। कैमरों के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया जाएगा, हालांकि अभी तक कोई संकेत नहीं मिला है। उन्होंने लोगों से भयभीत न होने की अपील की।
उधर, गुमोद गांव में मादा गुलदार और उसके दो शावकों को देखते हुए वहां भी वन विभाग ने गश्त शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
डीएफओ ने संवेदनशील स्थानों पर सोलर लाइट लगाने की जरूरत बताते हुए इसके लिए जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि रोशनी रहने से गुलदार के आबादी की ओर आने की संभावना कम हो जाती है।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की रिपोर्ट ✍️)











