भूमि बचाओ अभियान डूबती राजनीतिक जमीन बचाने की छटपटाहट है: अजय भट्ट

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने हल्द्वानी स्थित भाजपा कुमाऊँ संभाग कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के तथाकथित ‘भूमि बचाओ अभियान’ पर तीखा प्रहार किया।

सांसद ने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान प्रदेश की भूमि और संपत्तियों के संरक्षण की मुहिम नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक जमीन बचाने की छटपटाहट है। कांग्रेस को भूमि संरक्षण की बात करने से पहले अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों और उनसे जुड़े विवादों का जवाब जनता को देना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि नानीसार में पंचायत की 7.061 हेक्टेयर भूमि महज 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 वर्ष की लीज पर दिए जाने और इसका विरोध करने वाले 381 लोगों पर मुकदमे दर्ज होने का प्रकरण कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।

इसी प्रकार धौलास भूमि विवाद, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को भूमि आवंटन, टाटा मोटर्स-सिडकुल भूमि आवंटन, नदी तटबंध की भूमि और एनएच-74 प्रकरण जैसे मामलों में कांग्रेस को अपनी सरकार की भूमिका और जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए।

सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की नीति सरकारी जमीन बेचने की नहीं, बल्कि सरकारी स्वामित्व सुरक्षित रखते हुए उसका सदुपयोग करने की है। अनुपयोगी भूमि को निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत लीज पर देकर उद्योग, पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना प्रदेश के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई सरकार की इच्छाशक्ति को दर्शाती है।

वहीं, 7 हजार बीघा जमीन बेचने के कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार इस संबंध में केवल तीन बोलियां प्राप्त हुई हैं और कोई बोली अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। कांग्रेस जानबूझकर लीज और बिक्री के अंतर को छिपाकर जनता को गुमराह कर रही है।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि धामी सरकार ने सख्त भू-कानून के माध्यम से स्थानीय हितों और प्रदेश की भूमि की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियां आवश्यक हैं। पर्यटन प्रदेश होने के नाते उत्तराखंड में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए भी निवेश जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 6.03 करोड़ यात्रियों का आगमन और लगभग 1.93 लाख विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी उत्तराखंड की पर्यटन संभावनाओं को दर्शाती है। निवेश से स्थानीय युवाओं, होटल व्यवसायियों, टैक्सी संचालकों, दुकानदारों, किसानों और छोटे कारोबारियों को रोजगार एवं आर्थिक अवसर प्राप्त होते हैं।

सांसद भट्ट ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बड़े निवेश का स्वागत करती हैं, लेकिन उत्तराखंड में विकास और निवेश की संभावनाओं को राजनीतिक विरोध का विषय बनाया जाता है। कांग्रेस को केवल आरोप लगाने के बजाय अपने शासनकाल का विकास और रोजगार संबंधी रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि प्रदेश की सरकारी भूमि सुरक्षित रहे, स्थानीय लोगों के अधिकार संरक्षित रहें, पर्यावरणीय मानकों का पालन हो और निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों। भूमि संरक्षण और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।

सांसद भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भूमि की सुरक्षा, अवैध कब्जों से मुक्ति, स्थानीय हितों के संरक्षण और रोजगारपरक विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कांग्रेस को राजनीतिक नारेबाजी के बजाय अपने शासनकाल में नानीसार से धौलास तक उठे भूमि आवंटन संबंधी सवालों का जवाब देना चाहिए। उत्तराखंड की जनता को विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि भूमि संरक्षण के साथ रोजगार, निवेश और विकास का स्पष्ट रोडमैप चाहिए।

पत्रकार वार्ता में भाजपा नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी भुवन जोशी एवं जिला सह मीडिया प्रभारी मनीष पाल उपस्थित रहे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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