Haldwani: शब्दों का खेल, साहित्य की बात और सम्मान की सौगात… यादगार रही शब्दों की चौपाल

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। बारिश की फुहारों के बीच रानीबाग क्षेत्र में आयोजित मासिक साहित्यिक गोष्ठी ‘शब्दों की चौपाल’ में कविता, गजल और शेरो-शायरी के साथ हिंदी के शुद्ध एवं सुंदर प्रयोग पर सार्थक मंथन हुआ। नियमित रूप से गोष्ठी में शामिल होने वाली शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया, जबकि साहित्यिक खेलों और रचनाओं की प्रस्तुति ने आयोजन को रचनात्मकता और आत्मीयता से भर दिया।

गोष्ठी का आयोजन सम्पर्क संस्थान की उत्तराखंड इकाई के बैनर तले संयोजिका देवीना आदित्य एवं एडवोकेट मीना जोशी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार आशा शैली, डॉ. गीता मिश्रा ‘गीत’, सम्पर्क संस्थान की उत्तराखंड प्रभारी ललिता कापड़ी, स्मिता साह ‘शायराना स्वयं’, मीना जोशी, देवीना आदित्य एवं आशा पाण्डे सहित साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता की।

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शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर नियमित रूप से गोष्ठी में उपस्थित रहने वाली शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया। इसके साथ ही शेरो-शायरी, ग़ज़ल और काव्य-पाठ के जरिए प्रतिभागियों ने अपनी साहित्यिक संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया।

गोष्ठी में हुए साहित्यिक खेल खास आकर्षण रहे। प्रतिभागियों को अलग-अलग शब्द देकर तत्काल रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस गतिविधि ने आयोजन में उत्साह और रोमांच बढ़ाया। लेखिकाओं ने अपनी पुस्तकों का परस्पर आदान-प्रदान भी किया, जिससे साहित्यिक संवाद को नई दिशा मिली।

उत्तराखंड प्रभारी ललिता कापड़ी ने देवीना आदित्य के आत्मीय आतिथ्य और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि उनके स्नेहपूर्ण आयोजन ने इस साहित्यिक मिलन को यादगार बना दिया।

वरिष्ठ साहित्यकार आशा शैली विशेष रूप से लालकुआँ से रानीबाग पहुंचीं और गोष्ठी में सहभागिता की। साहित्य, सम्मान, स्नेह और संवाद से सजी ‘शब्दों की चौपाल’ की यह गोष्ठी साहित्यिक सफर में एक और खूबसूरत अध्याय जोड़ गई।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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