
कपकोट (बागेश्वर), प्रेस 15 न्यूज। सावन के पहले सोमवार को बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। शिवालय मंदिर के पास सरयू नदी में अपनी मां के साथ पानी भरने गया 7 वर्षीय राकेश अचानक पैर फिसलने से उफनती धारा में बह गया। मां की आंखों के सामने मासूम को नदी में समाता देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राकेश अपनी मां कमला देवी के साथ सरयू नदी से पानी भर रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में जा गिरा।
मौके पर मौजूद रोशन गड़िया ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर बच्चे को बचाने की भरसक कोशिश की। उन्होंने करीब 50 मीटर तक बहाव के साथ दौड़ते हुए तलाश की, लेकिन नदी की तेज धारा के आगे उनकी कोशिश नाकाम रही।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF, NDRF और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बच्चे की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। देर शाम तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिल पाया था और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।
राकेश कक्षा दो का छात्र था। उसके पिता नारायण सिंह निजी नौकरी करते हैं। परिवार मूल रूप से लाहुर गांव का रहने वाला है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए इन दिनों कपकोट में किराए के मकान में रह रहा है। परिवार में राकेश से बड़ी एक बहन भी है। हादसे के बाद मां कमला देवी और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
लगातार हो रही बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर बेहद खतरनाक बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं से नदी किनारों पर जाने से बचने तथा बरसात के दौरान पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ों में बरसात के मौसम में नदियां कुछ ही क्षणों में जानलेवा बन सकती हैं और एक छोटी-सी चूक जिंदगीभर का दर्द दे जाती है।









