दिल को छू गई व्यास कपिल देव महाराज की वाणी, कोटाबाग में जारी है सनातन की “गुंजन” सेवा

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कोटाबाग, प्रेस 15 न्यूज। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में भक्तिमय माहौल पूरी तरह परवान चढ़ चुका है। इसी कड़ी में कोटाबाग स्थित प्रसिद्ध श्री घन्याल देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ने पूरे क्षेत्र में अध्यात्म और आस्था की एक अलख जगा दी है। यहाँ गूंज रहे वेद मंत्रों और कथा के रसपान से पूरा इलाका भक्तिरस में सराबोर नजर आ रहा है।

शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन कोटाबाग के ऐतिहासिक श्री घन्याल देवी मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य एवं दिव्य शुभारंभ हुआ। माँ दुर्गा के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर माँ घन्याल के दरबार को बेहद मनमोहक और भव्य रूप से सजाया गया है, जो आने वाले हर भक्त को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

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इस धार्मिक आयोजन में प्रसिद्ध कथा वाचक आदरणीय कपिल देव व्यास जी महाराज अपने ओजस्वी और मधुर वचनों से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं।

वहीं, इस पवित्र आयोजन के मुख्य आयोजक पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी और वरिष्ठ समाजसेवी समाजसेवी गुंजन तिवारी हैं, जिनके प्रयासों से क्षेत्र में इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान को मूर्त रूप दिया गया है।

कथा के दौरान व्यास कपिल देव व्यास जी महाराज ने नवरात्रि और नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शारदीय नवरात्रि केवल उपवास और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर छिपी बुराइयों, अहंकार और नकारात्मक ऊर्जा का नाश कर सात्विक ऊर्जा को जागृत करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं, और जब तक हमारे मन में दीनदुखियों की सेवा और धर्म के प्रति निष्ठा का भाव नहीं जागेगा, तब तक सच्ची पूजा अधूरी है। भागवत कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है यह सिखाती है कि कैसे हर परिस्थिति में भगवान पर अटूट विश्वास रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

समाजसेवी गुंजन तिवारी का प्रेरक संदेश

आयोजनकर्ता एवं पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी जाने-माने समाजसेवी गुंजन तिवारी ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारे समाज को एक सूत्र में पिरोने और आपसी प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं। सनातन संस्कृति और पर्व हमारी पहचान हैं।

समाजसेवी गुंजन तिवारी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इन आयोजनों से मानसिक शांति मिलती है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। मेरा सभी क्षेत्रवासियों से निवेदन है कि इस पावन अवसर पर मंदिर पहुँचकर माँ घन्याल का आशीर्वाद लें और भागवत कथा का पुण्य लाभ अवश्य प्राप्त करें।

सुबह से ही मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और कथा व्यास के मुखर वचनों से पूरा कोटाबाग क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। आयोजन समिति द्वारा सभी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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