
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल नगर पालिका बोर्ड में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आज 15 में से 13 सभासदों ने धरना प्रदर्शन कर अपनी दस सूत्रीय मांगें रखी। वहीं, पालिकाध्यक्ष ने भी प्रदर्शन कर रहे सभासदों को खरा जवाब दिया।
नैनीताल नगर पालिका बोर्ड के जनवरी 2025 में चुनाव होने के बाद से ही पूरी नगर पालिका अस्थिरता की स्थिति में चली। यहां सदस्यों और पालिकाध्यक्ष के बीच कई बार मुद्दों को लेकर बहस हो गई। नगर में 15 वार्ड हैं और इनमें से लगभग 85 प्रतिशत यानी 13 सभासद अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।
आज नगर पालिका के ठीक आगे ये सभासद तंबू गाढ़कर बैठ गए और जोर जोर से नारे लगाने लगे। इन्होंने, अपने पीछे पर्दे पर पोस्टर टांगकर लिखा कि नैनीताल शहर की सभी स्ट्रीट लाइट सही करें, सभासदों की अनदेखी सही नहीं जाएगी।
धरना प्रदर्शन नैनीताल के विकास कार्यों के लिए, सभासद एकता जिंदाबाद, नैनीताल शहर में घूमती मौत की गाड़ियां बन्द करो, नैनीताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करो, नगर का विकास शुरू करो और हक की लड़ाई जारी रहेगी।
इन्होंने बताया कि नगर में कूड़ा निस्तारण समस्या, नगर की लचर प्रकाश व्यवस्था, डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था लगभग शून्य होना, बिना बोर्ड से पास कराए विभिन्न निविदाएं आमंत्रित करना, बांटे गए कूड़ेदानों में गड्बडी, शत्रु सम्पति पर अतिक्रमण व उसकी निविदा प्रक्रिया, लेक ब्रिज निविदा की समयावधि बढ़ने का कारण, पूर्व में लगाए गए विद्युत पोलों में वर्तमान तक बार नहीं लगाई गई है, बोर्ड में स्वीकृत प्रत्येक वार्ड के लिए 4 पर्यावरण मित्र अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, पूर्व निविदाओं में बिना बोर्ड बैठक के धनराशि कम करना, एक सप्ताह के भीतर बोर्ड बैठक आयोजित करने समेत कुछ अन्य मांगें रखी गई।
धरने में सभासद जितेंद्र पाण्डे ‘जीनू’, सपना बिष्ट, पूरन बिष्ट, गजाला कमाल, अंकित चंद्रा, काजल आर्या, रमेश प्रसाद, सुरेंद्र कुमार, ललिता दफौटी, गीता उप्रेती, भगवत रावत, मंनोज साह जगाती और राकेश पवार ने प्रदर्शन किया। धरने में सभासद मुकेश जोशी ‘मोंटू’ और शीतल कटियार नहीं दिखी।
सभासदों का कहना था कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, उनके क्षेत्रों का विकास नहीं हो रहा है। उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर वो आत्मदाह तक के लिए बाध्य होंगे।
पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल के अनुसार, सभासदों ने इन मांगों के लिए सरकार से मिलने के लिए उनके साथ चलना चाहिए। कहा कि उन्होंने पूरा जोर लगा लिया है और रुकी फ़ाइल के लिए सभसदों ने मंत्री के पास जाकर मांग रखनी चाहिए। बोर्ड बैठक के लिए कहने के बावजूद सभासद नहीं आए, अब बैठक क्यों करें ? ये तब उनकी कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, जब वो नगर पालिका के हित में कार्य कर रही हूं।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट)









