गरीबों के राशन पर बड़ा खेल! मुफ्त अनाज के लिए आयकरदाता, अधिकारी और कंपनी निदेशक भी बने गरीब !

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नई दिल्ली, प्रेस 15 न्यूज। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए चल रही मुफ्त राशन योजना में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभार्थियों के शामिल होने का मामला सामने आया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से आंकड़ों के एकीकरण और गहन जांच के बाद देशभर में 2.44 करोड़ अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। इनमें आयकरदाता, जीएसटीदाता, कंपनियों के निदेशक, सरकारी कर्मचारी और चार पहिया वाहन मालिक तक शामिल हैं।

मंत्रालय ने करीब 4.5 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों के आंकड़ों का आयकर विभाग, जीएसटी नेटवर्क, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और परिवहन विभाग के आंकड़ों से मिलान किया। जांच के बाद 2.44 करोड़ लाभार्थी सीधे तौर पर अपात्र पाए गए। अब संबंधित राज्यों को सूची भेजकर स्थानीय स्तर पर अंतिम सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद अपात्र राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे।

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56.22 लाख आयकरदाता राशन सूची में

जांच में सामने आया कि 56,22,619 आयकरदाता भी राशन योजना के लाभार्थी बने हुए थे। इसके अलावा 7,21,343 जीएसटी देने वाले, 2,42,313 कंपनियों के निदेशक और 2,76,544 सरकारी कर्मचारी भी लाभार्थी सूची में पाए गए।

दो राशन कार्ड से लेकर 100 साल से अधिक उम्र तक के लाभार्थी

आंकड़ों के मुताबिक 10,77,631 लोगों के पास दो अलग-अलग राशन कार्ड पाए गए। वहीं 3,01,978 ऐसे लाभार्थी मिले जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक थी। 1,13,094 लाभार्थी 18 वर्ष से कम उम्र के पाए गए, जबकि 2,07,970 चार पहिया वाहन मालिक भी राशन योजना में शामिल थे।

जांच में 1,58,16,217 ऐसे लाभार्थी भी सामने आए, जिन्होंने कई महीनों से राशन नहीं लिया था।

सरकार को हजारों करोड़ रुपये की बचत का अनुमान

मंत्रालय के अनुसार अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करने पर सरकार को करीब 5,800 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने औसतन 200 रुपये का राशन उपलब्ध कराती है। पिछले वित्त वर्ष में भी 2.77 करोड़ फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर कर करीब 6,700 करोड़ रुपये बचाए गए थे।

असली जरूरतमंदों के लिए खाली होगी जगह

सरकार का कहना है कि अपात्र लाभार्थियों को हटाने से राशन कार्डों में जगह खाली होगी और लंबे समय से योजना का लाभ पाने की प्रतीक्षा कर रहे वास्तविक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इससे जोड़ा जा सकेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देशभर में करीब 78 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में लाभार्थियों के आंकड़ों का लगातार सत्यापन कर अपात्र लोगों को हटाना और वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाना सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जांच में सामने आए प्रमुख आंकड़े

– दो अलग-अलग राशन कार्ड — 10,77,631

– जीएसटी देने वाले — 7,21,343

– आयकर देने वाले — 56,22,619

– कंपनियों के निदेशक — 2,42,313

– सरकारी कर्मचारी — 2,76,544

– 100 साल से अधिक उम्र वाले — 3,01,978

– महीनों से राशन नहीं लेने वाले — 1,58,16,217

– 18 साल से कम उम्र वाले — 1,13,094

– चार पहिया वाहन मालिक — 2,07,970

– कुल अपात्र लाभार्थी — 2.44 करोड़

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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