Haldwani: राखी बांधी पेड़ों को, सैनिकों के लिए भेजा प्यार… आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में अनूठा रक्षाबंधन

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते की रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि उन रिश्तों को भी बचाने का संदेश देता है, जिनके बिना हमारा जीवन संभव नहीं। इसी सोच को बच्चों के मन में उतारने की अनूठी पहल लामाचौड़ के आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में देखने को मिली।

यहां विद्यार्थियों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के साथ अपने गोद लिए पेड़ों को भी रक्षासूत्र बांधा और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। वहीं देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के लिए राखियां बनाकर बच्चों ने प्रकृति और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।

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लामाचौड़ स्थित आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ प्रकृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का संदेश भी दिया गया।

रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने-अपने गोद लिए वृक्षों को रक्षासूत्र बांधकर ‘वृक्षबंधन’ मनाया। बच्चों ने पेड़ों की रक्षा और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में यह पहल विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश भी बनी।

इसके अलावा विद्यार्थियों ने देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के लिए राखियां तैयार कीं। राखी निर्माण गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सैनिकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

मुख्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखियां बांधीं। रंग-बिरंगी राखियों, उत्साह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विद्यालय का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, राष्ट्रप्रेम और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

पेड़ सिर्फ प्रकृति का हिस्सा नहीं, हमारी जिम्मेदारी हैं : भुवन चंद्र उपाध्याय

विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते की रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि हर उस जीवन की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर है, जो हमारे अस्तित्व से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने भाई-बहन की रक्षा का वचन देते हैं, उसी तरह पेड़-पौधों और प्रकृति की रक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी है।

उन्होंने कहा कि आज बच्चों का प्रकृति से जुड़ना बेहद जरूरी है। एक पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन उसकी देखभाल करना वास्तविक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक बच्चा एक पेड़ को अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर उसकी रक्षा करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, पानी और बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

विद्यालय परिवार, प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए पर्व के मूल संदेश प्रेम, सुरक्षा, जिम्मेदारी और संस्कार को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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