वरिष्ठ नागरिक बचत योजना: सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित निवेश का बेहतर विकल्प

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सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एकमुश्त रकम को सुरक्षित जगह निवेश करना हर व्यक्ति के लिए बड़ी चिंता होती है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित निवेश और नियमित ब्याज आय का एक विकल्प है।

केंद्र सरकार की इस लघु बचत योजना में फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज का भुगतान हर तिमाही किया जाता है। योजना की अवधि पांच वर्ष है, जिसे निर्धारित शर्तों के साथ आगे तीन वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

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न्यूनतम 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपये निवेश

इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से खाता खोला जा सकता है और रकम 1,000 रुपये के गुणकों में जमा की जा सकती है। एक व्यक्ति के सभी एससीएसएस खातों में कुल जमा की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है।

योजना की मूल अवधि पांच वर्ष है। परिपक्वता के बाद खाताधारक निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाते को तीन वर्ष के लिए बढ़ा सकता है।

कौन खोल सकता है खाता?

60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति इस योजना में खाता खोल सकता है। इसके अलावा 55 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम उम्र का ऐसा व्यक्ति, जो सेवानिवृत्त हो चुका है, निर्धारित शर्तों के तहत इस योजना का लाभ ले सकता है। ऐसे व्यक्ति को सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर खाता खोलना होता है और आवेदन के साथ सेवानिवृत्ति लाभ मिलने तथा सेवानिवृत्ति से संबंधित आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होते हैं।

सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों को, नागरिक रक्षा कर्मचारियों को छोड़कर, निर्धारित शर्तों के साथ 50 वर्ष की उम्र से इस योजना में खाता खोलने की पात्रता है।

हर तीन महीने में मिलता है ब्याज

एससीएसएस में ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। वर्तमान में ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना है। राष्ट्रीय बचत संस्थान के अनुसार यह दर 1 अप्रैल 2023 से 30 सितंबर 2026 तक 8.2 प्रतिशत रही है। खाते में ब्याज की दर खाता खोलने के समय लागू दर के अनुसार परिपक्वता तक लागू रहती है।

समय से पहले बंद कर सकते हैं खाता, लेकिन शर्तें लागू

जरूरत पड़ने पर एससीएसएस खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है, लेकिन इसके लिए निर्धारित कटौती लागू होती है।

यदि खाता एक वर्ष पूरा होने से पहले बंद किया जाता है, तो खाते में जमा रकम पर पहले से दिया गया ब्याज वापस वसूल किया जाता है और शेष राशि खाताधारक को दी जाती है।

यदि खाता एक वर्ष के बाद लेकिन दो वर्ष पूरे होने से पहले बंद किया जाता है तो जमा रकम का 1.5 प्रतिशत काटा जाता है।

वहीं, दो वर्ष पूरे होने के बाद लेकिन पांच वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले खाता बंद कराने पर जमा रकम का 1 प्रतिशत काटा जाता है। समयपूर्व बंदी की स्थिति में ब्याज नियमानुसार कटौती के बाद देय होता है।

खाते की अवधि बढ़ाने के बाद उसे एक वर्ष पूरा होने पर बिना कटौती के बंद किया जा सकता है।

परिपक्वता के बाद तीन साल तक बढ़ा सकते हैं अवधि

एससीएसएस खाते की मूल परिपक्वता अवधि पांच वर्ष है। इसके बाद खाताधारक निर्धारित नियमों के तहत खाते को तीन वर्ष के लिए बढ़ा सकता है। विस्तार के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करना होता है। विस्तार की स्थिति में लागू नियमों के अनुसार ब्याज मिलता है।

नामिनी बनाने की सुविधा

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में नामिनी बनाने की सुविधा उपलब्ध है। खाताधारक की मृत्यु होने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार खाते की राशि नामिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाती है। संयुक्त खाते में पति या पत्नी से संबंधित भी विशेष प्रावधान हैं।

कहां खुल सकता है खाता?

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना का खाता डाकघर या अधिकृत बैंक के माध्यम से खोला जा सकता है। खाता खोलने के लिए पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। डाक विभाग की जानकारी के अनुसार आधार और पैन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

किन लोगों के लिए नहीं है योजना?

गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई) और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) इस योजना के तहत खाता नहीं खोल सकते।

कर से जुड़ी बात भी समझें

एससीएसएस में किया गया निवेश आयकर कानून की धारा 80सी के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार कर लाभ के लिए पात्र है। हालांकि ब्याज पर कर संबंधी नियम अलग से लागू होते हैं और कर लाभ का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की लागू कर व्यवस्था पर निर्भर करता है।

क्यों खास है एससीएसएस?

सेवानिवृत्ति के बाद जिन लोगों की प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा और नियमित ब्याज आय होती है, उनके लिए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना एक सरकारी समर्थित विकल्प है। इसमें निवेश की स्पष्ट सीमा, पांच वर्ष की अवधि, तिमाही ब्याज भुगतान और निर्धारित शर्तों के साथ अवधि बढ़ाने की सुविधा मिलती है। हालांकि निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, कर स्थिति और मौजूदा ब्याज दर की पुष्टि संबंधित डाकघर या अधिकृत बैंक से कर लेना उचित है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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