
भीमताल, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल जिले के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में शनिवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे में एक कर्मचारी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ओखलकांडा निवासी तेज सिंह बोरा यूनिवर्सिटी में कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि बारिश के बाद उन्हें यूनिवर्सिटी की गीली छत की सफाई के लिए भेजा गया था।
उनका कहना है कि तेज सिंह को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के, नंगे पैर छत पर काम करने के लिए लगाया गया। इसी दौरान उनका संपर्क पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से हो गया और उन्हें जोरदार करंट लग गया।
गंभीर रूप से झुलसे तेज सिंह को आनन-फानन में उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बारिश के दौरान इस प्रकार का कार्य कराना स्वयं में गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि यदि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उन्हें समय पर सूचना तक नहीं दी गई।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और आश्रित को रोजगार देने की मांग की है।
गौरतलब है कि ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी प्रबंधन पूर्व में भी विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले विश्वविद्यालय में बीसीए द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत लखनऊ निवासी एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था। उस मामले में पुलिस की हिलाहवाली से परेशान मृतका के पिता राम कृष्ण तोमर ने न्याय की मांग को लेकर माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली।
इसी पृष्ठभूमि में तेज सिंह बोरा की मौत के बाद परिजन पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जबकि विश्वविद्यालय के डायरेक्टर की मानें तो पीड़ित परिवार के साथ हैं। पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को विश्वविद्यालय में नौकरी दी जाएगी। विश्वविद्यालय में सफाई के लिए एक कंपनी को आउटसोर्स किया है, वही तय करती है कि किस कर्मचारी को कहां भेजना है।









