
कोटाबाग, प्रेस 15 न्यूज। जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे कोटाबाग निवासी नवीन चन्द्र तिवारी के लिए अब किडनी ट्रांसप्लांट ही अंतिम उम्मीद बची है, लेकिन आर्थिक तंगी इस उम्मीद के रास्ते में बड़ी बाधा बनकर खड़ी है।
चार वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे नवीन की सांसें फिलहाल सप्ताह में दो बार होने वाली डायलिसिस पर टिकी हैं और उनका परिवार समाज से मदद की गुहार लगा रहा है।
ग्राम खुडलिया (पतलिया), कोटाबाग निवासी नवीन चन्द्र तिवारी एक निजी नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जरूरतें पूरी करने वाले नवीन पिछले चार वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे हैं। लगातार उपचार और दवाइयों के बावजूद अब चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी जान बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा है।

वर्तमान में नवीन चन्द्र तिवारी अपनी जांच प्रक्रिया राममूर्ति मेडिकल कॉलेज, बरेली में पूरी कर हल्द्वानी पहुंच चुके हैं, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी डायलिसिस प्रक्रिया सप्ताह में दो दिन नियमित रूप से चल रही है।
राहत की बात यह है कि परिवार के तीन सदस्य किडनी दान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अंतिम प्रक्रिया के लिए एम्स दिल्ली में नंबर आने की प्रतीक्षा है। तब तक इलाज, डायलिसिस और दवाइयों का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन हो गई है।
इस बीच पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी और समाजसेवी गुंजन तिवारी ने नवीन चन्द्र तिवारी को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। हालांकि उपचार की लंबी और महंगी प्रक्रिया को देखते हुए अभी और सहयोग की आवश्यकता बनी हुई है।
आज नवीन चन्द्र तिवारी का परिवार समाज के सामने मदद की उम्मीद लेकर खड़ा है। आपकी छोटी-सी सहायता किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है और एक परिवार की खुशियों को बिखरने से बचा सकती है।
पीड़ित परिवार ने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों से अनुरोध है कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें तथा इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। क्योंकि किसी जरूरतमंद के लिए बढ़ाया गया एक हाथ, कभी-कभी उसके पूरे जीवन का सहारा बन जाता है।
मदद के लिए नवीन चन्द्र तिवारी के परिवार से 7817862971 पर संपर्क किया जा सकता है।
ग्राम खुडलिया (पतलिया), कोटाबाग निवासी नवीन चन्द्र तिवारी ने मदद के लिए जारी किया अपना QR code










