
कालाढूंगी/हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जब जिम्मेदार तंत्र की रफ्तार सुस्त पड़ जाए, तब कुछ लोग समाज के लिए खुद जिम्मेदारी उठाते हैं।
ऐसे ही युवा हैं राहुल सिंह दरम्वाल, जो बिना किसी सरकारी सहायता, बिना किसी बजट और बिना किसी औपचारिक जिम्मेदारी के अपने साथियों के साथ सड़कों पर उतरकर लोगों की जान बचाने की मुहिम में जुटे हैं। अब तो क्षेत्र के लोग भी कहने लगे हैं कि एक ही दिल है राहुल, कितनी बार जीतोगे!
समाजसेवी राहुल सिंह दरम्वाल एक बार फिर जनहित के कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। लगातार बढ़ते सड़क हादसों और हाईवे पर बने जानलेवा गड्ढों को देखते हुए राहुल सिंह दरम्वाल ने अपने मित्रों के साथ स्वयं मोर्चा संभाल लिया और अपने निजी संसाधनों से गड्ढों को भरने का अभियान चलाया।
राहुल सिंह दरम्वाल अपनी टीम के साथ हल्द्वानी-रामनगर हाईवे पर बेलगढ़ वन विभाग बैरियर और मंदिर के समीप पहुंचे, जहां सड़क पर बने खतरनाक गड्ढों को सीमेंट, बजरी और रेत की सहायता से भरा गया।
इसके बाद उनकी टीम कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के गैबूआ इलाके में पहुंची और वहां भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे गड्ढों को भरकर राहगीरों को सुरक्षित सफर का संदेश दिया।
राहुल सिंह दरम्वाल का कहना है कि लगातार सड़क हादसों में लोग घायल हो रहे हैं और मौतों के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक समाज के जागरूक लोगों को आगे आकर छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए, जिससे किसी की जिंदगी बचाई जा सके।
राहुल दरम्वाल और उनकी टीम लंबे समय से क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर सक्रिय रही है। कभी वे स्वयं श्रमदान कर गड्ढे भरते नजर आते हैं तो कभी लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर सड़कों की मरम्मत की मांग उठाते हैं। उनका मानना है कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
इस जनहित अभियान में राहुल सिंह दरम्वाल के साथ करण बिष्ट, कुलदीप बिष्ट, सौरभ छिमवाल, केशव बिष्ट, विशाल रावत, अभय मेहरा, अनुज अधिकारी सहित अन्य युवाओं ने भी श्रमदान कर योगदान दिया।
राहुल और उनकी टीम का यह प्रयास न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहा है, बल्कि यह भी साबित कर रहा है कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है











