
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। कुछ लोग सिर्फ अपने पद से नहीं, अपने व्यवहार और आत्मीयता से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी जी भी ऐसे ही लोगों में थे। जिनसे कल तक बातचीत होती थी, काम के बीच जिनकी मौजूदगी सहज लगती थी, आज उन्हीं की तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि देनी पड़ी। मीडिया सेंटर हल्द्वानी में सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा का माहौल इसी पीड़ा से भरा रहा।

स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी के निधन पर आयोजित सभा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन के माध्यम से संबोधित किया। उनकी आवाज में भी अपनों को खोने का दर्द महसूस हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कभी सोचा भी नहीं था कि इस तरह श्रद्धांजलि देनी पड़ेगी। गिरिजा शंकर जोशी जी हर समय खड़े रहने वाले और निरंतर काम करने वाले व्यक्ति थे। उनका इस तरह असमय चले जाना बेहद दुःखद है। मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत आहत हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिजा शंकर जोशी का असमय जाना सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने कार्य और व्यवहार से जो पहचान बनाई, वह उनके जाने के बाद भी लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी। जीवन छोटा हो सकता है, लेकिन इंसान के अच्छे कर्म और लोगों के दिलों में बनाई जगह लंबे समय तक जीवित रहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है और परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। स्वर्गीय जोशी के कार्यों और उनकी स्मृतियों को आने वाले समय में भी यादगार बनाए रखने के लिए सभी से विचार-विमर्श कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पत्रकारों ने कहा जिस मीडिया सेंटर से जुड़ी थीं उनकी यादें, वही बने उनकी पहचान
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सामूहिक रूप से भावुक प्रस्ताव रखा कि हल्द्वानी के ब्लॉक में निर्माणाधीन नवीन मीडिया सेंटर का नाम स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी के नाम पर रखा जाए।
पत्रकारों का कहना था कि यह सिर्फ नामकरण नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की स्मृतियों को सम्मान देने का एक प्रयास होगा, जिसने सूचना विभाग और पत्रकारिता जगत के बीच अपने कार्य और व्यवहार से आत्मीय रिश्ता बनाया।
पत्रकारों की इस मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जोशी की यादों और उनके अच्छे कार्यों को आने वाले समय में भी स्मरणीय बनाए रखने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा और सभी की सहमति से आवश्यक कार्य किया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारों के साथ साथ जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल समेत अन्य अधिकारियों और सूचना विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। सभा के अंत में माहौल और भी भावुक हो गया। सभी ने मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कुछ लोग चले जाते हैं, लेकिन उनकी कमी रोज महसूस होती है। गिरिजा शंकर जोशी सर भी ऐसी ही एक याद बनकर रह गए जिसे भुलाना शायद कभी आसान नहीं होगा।









