
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धति और शिक्षकों के सतत कौशल विकास के लिए अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में शिक्षकों के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास को समर्पित एक प्रेरणादायी शिक्षक विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि उत्कृष्ट शिक्षक ही उत्कृष्ट विद्यार्थियों और सशक्त समाज की नींव रखते हैं। इसी सोच के तहत आयोजित कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध प्रशिक्षक एवं मोटिवेशनल स्पीकर आर.एन. ठाकुर ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय, प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यशाला में आर.एन. ठाकुर ने बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षक की भूमिका, प्रभावी शिक्षण कौशल, नेतृत्व क्षमता और तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक केवल विषय ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास और उनके भविष्य को दिशा देने वाला सच्चा मार्गदर्शक है। इसलिए शिक्षकों का मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सकारात्मक होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, आत्म-देखभाल और समय प्रबंधन को जीवन का हिस्सा बनाकर शिक्षक अपने कार्य और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकते हैं। एक प्रसन्न, ऊर्जावान और प्रेरित शिक्षक ही विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावी संचार कर सकता है।
अपने 25 वर्षों के शैक्षिक अनुभव साझा करते हुए श्री ठाकुर ने शिक्षकों को निरंतर सीखने, नई शिक्षण तकनीकों को अपनाने तथा समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र निरंतर परिवर्तनशील है और जो शिक्षक सीखना नहीं छोड़ता, वही विद्यार्थियों के जीवन में स्थायी परिवर्तन ला सकता है।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न शैक्षणिक चुनौतियों, कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों के व्यवहार तथा तनाव से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र में श्री ठाकुर ने शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक सुझाव भी दिए।
विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय ने कहा कि किसी भी विद्यालय की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षक होते हैं। यदि शिक्षक निरंतर सीखते रहें, स्वयं को समय के अनुरूप विकसित करें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें तो विद्यालय उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षक तैयार करना है जो विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। इसी सोच के साथ विद्यालय समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने आर.एन. ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करती हैं। इसका प्रत्यक्ष लाभ विद्यार्थियों की शिक्षा, उनके व्यक्तित्व विकास तथा विद्यालय के समग्र शैक्षणिक वातावरण को प्राप्त होता है।









