Haldwani: सनसनी से आगे बढ़े मीडिया, समाधान बने प्राथमिकता: ब्रह्माकुमारीज

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। सनसनी, नकारात्मकता और टीआरपी की दौड़ के बीच ब्रह्माकुमारीज ने मीडिया जगत को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समस्याओं, विवादों और संघर्षों को उजागर करना नहीं, बल्कि उनके समाधान की राह भी दिखाना होना चाहिए।

इसी उद्देश्य के साथ ब्रह्माकुमारीज राजयोग केंद्र रामपुर रोड में “आध्यात्मिक जागृति से विश्व परिवर्तन” के अंतर्गत “समाधान परक पत्रकारिता से समृद्ध भारत” विषय पर मीडिया संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

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ब्रह्माकुमारीज एवं मीडिया प्रभाग RERF से आए मोटीवेशनल स्पीकर्स ने “समाधान-केंद्रित मीडिया” की संकल्पना बताते हुए कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली पत्रकारिता ही वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय प्रवक्ता बीके सुशांत ने कहा है कि जनसंचार माध्यम लोकतंत्र और समाज का एक सशक्त स्तंभ हैं। इसलिए मीडिया को केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित न रहकर संभावित समाधानों, सफल प्रयासों और प्रेरक उदाहरणों को भी प्रमुखता से सामने लाना चाहिए। जब तक किसी सामाजिक, राष्ट्रीय या सार्वजनिक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मीडिया को उस दिशा में लगातार रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

राजयोगिनी बीके सुनीता दीदी ने कहा कि आज भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में सकारात्मक बदलावों की अनेक कहानियां सामने आ रही हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया भी सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक मुद्दों के साथ-साथ समस्या-समाधान और संघर्ष-निवारण की सफल पहल को प्रमुखता दे रहे हैं। हालांकि तकनीकी विस्तार, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, व्यावसायिक दबाव और लगातार बदलते मीडिया परिवेश ने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।

इन चुनौतियों का स्थायी समाधान आध्यात्मिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण में निहित है। ब्रह्माकुमारीज़ का मानना है कि आध्यात्मिकता केवल धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के संबंध पर आधारित ऐसा जीवन विज्ञान है, जो व्यक्ति को शांति, संतुलन, प्रेम, करुणा, सकारात्मकता और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

जब पत्रकार और मीडिया पेशेवर अपने व्यस्त कार्यकाल के बीच ध्यान, योग और आत्मचिंतन का अभ्यास करते हैं, तब वे “कर्मयोगी” बन जाते हैं। ऐसे पत्रकार अपने पेशेवर दायित्वों, सामाजिक उत्तरदायित्वों और जनहित के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में सक्षम होते हैं। इससे उन्हें मानसिक स्पष्टता, सकारात्मक ऊर्जा और निष्पक्ष दृष्टिकोण प्राप्त होता है, जो गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता की आधारशिला है।

ब्रह्माकुमारीज़ ने मीडिया कर्मियों का आह्वान किया कि वे ऐसी पत्रकारिता को बढ़ावा दें, जो केवल समस्याओं का चित्रण न करे, बल्कि समाज को समाधान, आशा और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा भी दिखाए। संस्था का मानना है कि समाधान-केंद्रित और मूल्य आधारित पत्रकारिता ही स्वस्थ, संतुलित और कल्याणकारी समाज के निर्माण में सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला, राजयोग केंद्र के संचालिका बीके नीलम दीदी, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं कंसल्टेंट एडिटर सीके श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र क्वीरा, भगवान सिंह गंगोला, बीके कमलेश चंद्र पंत समेत गणमान्य पत्रकार और बीके भाई बहन मौजूद रहे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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