
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर निजी अस्पतालों का रुख करने वाले मरीजों और उनके परिजनों के सामने कई बार ऐसे सवाल खड़े हो जाते हैं, जिनका जवाब सिर्फ चिकित्सा नहीं बल्कि जवाबदेही भी मांगती है।
जनपद बागेश्वर के मंडलसेरा निवासी 65 वर्षीय प्रेम गिरी की हल्द्वानी स्थित पीएसपी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद उठे सवालों ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
परिजनों द्वारा अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच शुरू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है।
समिति में नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी हल्द्वानी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल द्वारा नामित हृदय रोग विशेषज्ञ को सदस्य बनाया गया है।
जांच समिति मृतक के उपचार, ऑपरेशन और चिकित्सीय प्रबंधन से जुड़े सभी अभिलेखों की समीक्षा करेगी। इसके अलावा उपचार के दौरान अपनाई गई चिकित्सा प्रक्रिया और मानकों का परीक्षण, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों का सत्यापन, अस्पताल प्रबंधन द्वारा नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा भी की जाएगी।
यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो समिति स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करते हुए जिम्मेदारी भी तय करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव और संस्तुतियां भी देगी।
अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी, बयान अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों तो वे सूचना प्रकाशित होने की तिथि से सात दिनों के भीतर गठित जांच समिति के किसी भी अधिकारी के कार्यालय में मौखिक या लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं।
गौरतलब है कि हल्द्वानी के सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल के ठीक बगल में स्थित पीएसपी अस्पताल की उपचार कार्यशैली को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
निजी अस्पतालों पर बेहतर इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण, अनावश्यक प्रक्रियाएं अपनाने और उपचार में लापरवाही के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन प्रेम गिरी की मौत के मामले में प्रशासन द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
नोट: पीएसपी अस्पताल की कार्यशैली पर टिप्पणी सार्वजनिक आरोपों और प्रशासनिक जांच के संदर्भ में ही रखी गई है। जांच पूरी होने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी भी कथित लापरवाही को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।









