
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और उस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया को लेकर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।
आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर होने की शिकायतें सामने आई हैं।
इसे लेकर गलत तरीके से बाहर किए गए मतदाताओं का मतदान अधिकार बहाल करने और एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग उठी है।
साथ ही एसआईआर शुरू होने के बाद कराए गए चुनावों को रद्द कर संबंधित राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की गई है।
ये मांगें भाकपा (माले) नैनीताल के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाने की मांग की है।
प्रमुख मांगों पर एक नजर
• मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाया जाए।
• एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल निलंबित किया जाए।
• गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए प्रत्येक मतदाता का मतदान का अधिकार तत्काल बहाल किया जाये।
• एसआईआर शुरू किए जाने के बाद हुये सभी चुनावों को रद्द किया जाए और संबंधित राज्यों में दुबारा चुनाव कराने का आदेश दिया जाए।
इंडियन एक्सप्रेस प्रकाशित रिपोर्ट और उस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर भाकपा (माले) का बयान
भाकपा (माले), नैनीताल के जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी बयान इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित तथ्यों की ही पुष्टि करता है, कि आयोग के भीतर गंभीर मतभेद हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी भूमिका है।
चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए मुद्दे उन आपत्तियों की पुष्टि करते हैं जिन्हें हमारी पार्टी भाकपा माले सहित कई लोगों द्वारा लगातार उठाया जाता रहा है। चुनाव आयोग द्वारा इसे एकतरफा तस्वीर बता कर कह देना कि चुनाव आयोग के अन्दर यह एक सामान्य प्रक्रिया है, दरअसल पूरे मामले को हल्का करने और बचाव न किए जा सकने वाले कृत्य का बचाव करने की एक दयनीय कोशिश है।
कैलाश पांडेय ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट केवल उन अनियमितताओं की ही पुष्टि कर रही है, जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न सार्वजनिक ऑडिट और अध्ययनों में सामने लाया जा चुका है।
इस एसआईआर की गलत प्रक्रिया के कारण पहले ही लाखों मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हो कर तमाम मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। तब इसके माध्यम से बनायी गयी गलत मतदाता सूचियों के आधार पर कराये गये चुनाव, चुनाव आयोग की तथाकथित ‘सफलता’ का सर्टिफिकेट कैसे बन सकते हैं?
इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट, जिसकी पुष्टि अब स्वयं चुनाव आयोग ने भी कर दी है, के आधार पर भाकपा (माले) मांग करती है-
1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाया जाए।
2. एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल निलंबित किया जाए।
3. गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए प्रत्येक मतदाता का मतदान का अधिकार तत्काल बहाल किया जाये।
4. एसआईआर शुरू किए जाने के बाद हुये सभी चुनावों को रद्द किया जाए और संबंधित राज्यों में दुबारा चुनाव कराने का आदेश दिया जाए।
5. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की भावना के अनुरूप संवैधानिक संशोधन किया जाए तथा चुनाव आयोग के कामकाज में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं।








