
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। सपनों को उड़ान देने का दावा करने वाले कोचिंग संस्थान यदि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर छात्रों की जिंदगी को खतरे में डालेंगे, तो अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। लखनऊ के दर्दनाक अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत के बाद उत्तराखंड शासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को हल्द्वानी में प्रशासन की टीम ने कई बड़े कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया, जहां हालात चौंकाने वाले मिले। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमों को ठेंगा दिखाकर संचालित किए जा रहे सात संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने मुखानी चौराहा, पनचक्की मार्ग और दुर्गा सिटी सेंटर स्थित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी समेत अन्य आवश्यक मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
सील किए गए संस्थान:
▪️ संकल्प कोचिंग सेंटर
▪️ प्रदीप एकेडमी-1
▪️ प्रदीप एकेडमी-2
▪️ जयश्री कॉलेज, हल्द्वानी
▪️ तुषार पंत पीएमटी क्लासेस
▪️ जीत IAS कोचिंग सेंटर, दुर्गा सिटी सेंटर
▪️ फिजिक्स कोचिंग सेंटर (तृतीय तल, दुर्गा सिटी सेंटर)
वहीं कल्पवृक्ष इंस्टीट्यूट के पास फायर एनओसी होने के कारण कमियों को दूर करने के लिए तीन दिन का नोटिस जारी किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
यह कार्रवाई उन कोचिंग संचालकों के लिए सख्त संदेश है, जो अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम इंतजाम तक नहीं करते। करियर गढ़ने के नाम पर युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









