
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल से जुड़े गांव में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई है। इस दुःखद घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
नैनीताल जिले के वीरभट्टी, गांजा, छिंडां मल्ला, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला आदि गांवों की 50 फीसदी लोग दूषित पेयजल से जुड़ी बीमारियों के शिकार हुए हैं। जल संस्थान ने पानी की गुणवत्ता चैक की तो उसमें सीवरेज का दूषित पानी मिक्स होना पाया गया।
विभाग ने इसके बाद सीवरेज और पेयजल की लाइनों को चैक कर अलग अलग किया। पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने के बाद ग्रामीण अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हुए थे।
ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया और जलजनित रोगों के बढ़ते मामलों के बीच 16 वर्षीय इंटर छात्र और 26 वर्षीय विवाहिता की उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा है और जल संस्थान पेयजल का क्लोरीनेशन कर रहा है। बावजूद इसके दो मौतों से ग्रामीणों में दहशत है।
सरियाताल निवासी रितेश जीना पुत्र उमेश्वर जीना की 18 अगस्त को तबीयत बिगड़ी। हल्द्वानी में भर्ती कराने के बाद हालत गंभीर होने पर परिजन उसे दिल्ली के निजी अस्पताल ले गए। यहां लीवर की गंभीर स्थिति बताते हुए ट्रांसप्लांट की जरूरत और करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार रकम नहीं जुटा सका। बाद में रितेश को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
रितेश माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं, ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय नीमा जोशी पत्नी नीरज जोशी की एक सितंबर की रात तबीयत बिगड़ने पर हल्द्वानी के निजी अस्पताल में जांच और उपचार कराया गया। जांच में पीलिया और लीवर संक्रमण की पुष्टि हुई। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। नीमा दो बेटियों की मां थीं।
इसके साथ ही कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। डॉक्टरों ने सभी मामलों में लिवर संबंधी इंफेक्शन बताया है।
ग्रामीणों ने बताया कि ज्योलीकोट के साथ वर्गोंमोंट, गांजा, छीड़ा, वीरभट्टी, कृष्णापुर, साडियाताल, तल्ला बेलुवाखान, मल्ला बेलुवाखान, देवलडूंगा आदि क्षेत्रों में भी दूषित पेयजल आपूर्ति से ये पेट संबंधी बीमारियां पैदा हो रही हैं। दूषित पानी से पीलिया, टाइफाइड, डायरिया, उल्टी, बुखार, दस्त जैसी बीमारियां हो रही हैं।
उन्होंने प्रशासन और जल संस्थान पर लापरवाही समेत कई गंभीर आरोप लगाए है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी नैनीताल से संबंधित विभाग के अधिकरियों पर कार्यवाही करने की मांग भी की है।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट)









