
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जन्माष्टमी की रात आस्था के नाम पर सड़क पर हुड़दंग! हाथों में डंडे, वाहनों में सवार होकर दहशत और सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन काठगोदाम रोड पर वायरल हुए वीडियो ने उन युवाओं की मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन्हें कानून का डर नहीं रहा।
त्योहार की आड़ में सड़क को अखाड़ा बनाने वाले 15 युवक चिन्हित हुए हैं। इनमें 8 बालिग हैं, जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि 7 नाबालिग हैं। सवाल सिर्फ इन युवकों की हरकत का नहीं, बल्कि उस परवरिश का भी है जिसने इन्हें सार्वजनिक जगह पर लोगों में भय पैदा करने की हद तक पहुंचा दिया।
बच्चे पैदा करना आसान है, लेकिन उन्हें जिम्मेदार इंसान बनाना असली जिम्मेदारी है। नौकरी, कारोबार और पैसे की भागदौड़ में व्यस्त माता-पिता के लिए यह घटना आईना है घर से बाहर आपका बच्चा किस संगत में है, क्या कर रहा है और उसकी गतिविधियां किस दिशा में जा रही हैं, इसकी खबर रखना भी परवरिश का हिस्सा है। वरना हाथों में किताब या हुनर की जगह डंडा और सड़क पर जिम्मेदारी की जगह दहशत नजर आने लगती है।
काठगोदाम रोड पर जन्माष्टमी की रात वाहनों में सवार होकर डंडे लहराने और आम लोगों में भय का माहौल पैदा करने वाले युवकों का वीडियो वायरल होने के बाद मामले में कुल 15 युवकों की पहचान हुई। इनमें 8 बालिग और 7 नाबालिग शामिल हैं।
ये हैं डंडे लहराने वाले
1. दीप गोगोई, पुत्र कृष्णा गोसाई, उम्र 19 वर्ष, निवासी चांदमारी, काठगोदाम।
2. पारस सिंह, पुत्र लक्ष्मण सिंह, उम्र 18 वर्ष, निवासी चांदमारी, काठगोदाम।
3. करन कुमार, पुत्र जगदीश लाल, उम्र 18 वर्ष, निवासी नई बस्ती, काठगोदाम।
4. हरि किशोर, पुत्र विजय चौधरी, उम्र 18 वर्ष, निवासी कॉल टैक्स, काठगोदाम।
5. कृष्णा सिंह, पुत्र तिलक सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी बद्रीपुरा।
6. नितिन, पुत्र निरंकार, उम्र 19 वर्ष, निवासी समिति लाइन, वाल्मीकि बस्ती, काठगोदाम।
7. मुकेश शर्मा, पुत्र श्याम सुंदर शर्मा, उम्र 18 वर्ष, निवासी नई बस्ती, काठगोदाम।
8. कमलेश सम्मल, पुत्र मोहन सम्मल, उम्र 20 वर्ष, निवासी हैड़ाखान, हाल निवासी काठगोदाम।
8 बालिग युवकों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जुर्माना जमा कराया गया है। वायरल वीडियो में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी सीज किया गया है।
नाबालिगों के अभिभावकों पर भी कार्रवाई
मामले में शामिल 7 नाबालिगों के परिजनों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की जा रही है। परिजनों के खिलाफ भी पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना जमा कराया गया है।
यह मामला सिर्फ सड़क पर डंडे लहराने का नहीं, बल्कि उस सोच का है जिसमें कुछ युवा भीड़ और वाहनों के साथ निकलकर खुद को कानून से ऊपर समझने लगते हैं। त्योहार आस्था और उल्लास के लिए हैं, सड़क पर डर और दबदबा कायम करने के लिए नहीं।









