
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और डिजिटल सेवा वितरण प्रणाली को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाने के उद्देश्य से 10K FPO योजना के तहत किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में ऑनबोर्ड किया जा रहा है।
यह पहल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और CSC e-Governance Services India Limited के बीच हुए एमओयू के अनुरूप लागू की जा रही है।
इस परियोजना का उद्देश्य चयनित एफपीओ को सीएससी इकोसिस्टम से जोड़कर उन्हें ग्रामीण स्तर पर सरकारी (G2C) और व्यावसायिक (B2C) सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाना है।
ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के तहत पात्र एफपीओ का चरणबद्ध डेटा संग्रहण, आधार आधारित सत्यापन, अनुपालन जांच और सिस्टम व्हाइटलिस्टिंग की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये एफपीओ ग्रामीण डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
इसके माध्यम से किसानों और ग्रामीण नागरिकों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन सेवाओं, बीमा, पेंशन, बैंकिंग, कृषि परामर्श तथा अन्य डिजिटल सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। इससे एफपीओ केवल कृषि विपणन या उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
सीएससी उत्तराखण्ड के राज्य प्रमुख दीपक चौहान ने बताया कि यह पहल एफपीओ को डिजिटल रूप से सशक्त करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके गांव में मिल सकेगा।
यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप ग्रामीण संस्थाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।









