
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल में नगर पालिका के मोटरसाइकिल समेत टू व्हीलर पर नगर प्रवेश टैक्स लगने के बाद हंगामा हो गया। शहरी विकास मंत्री कैडा ने इसे रुकवाने के साथ जांच कराने की बात कही है।
नैनीताल में ब्रिटिशकाल से ही वाहनों के प्रवेश पर शुल्क लिया जाता है। ये प्रवेश शुल्क प्रति प्रवेश पर नैनीताल जिले के लोगों के लिए ₹200/= और बाहरी लोगों के लिए ₹300/= वसूला जाता है।
ये टैक्स प्रति फेरा ही मान्य होता है। इसमें, नगर पालिका ने पिछले वर्ष खुद महिला समूहों के साथ इसे चलाया जबकी इस वर्ष बाहरी ठेकेदार को 21 माह के लिए 24 करोड़ रुपये पर दिया गया है।
बुधवार रात 12 बजे से बाहरी दोपहिया चालकों से भी ₹100/= की वसूली शुरू हो गई। कुछ देर चलने के बाद स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों के साथ इस प्रथा का विरोध किया। इतना ही नहीं, फांसी गधेरा क्षेत्र में अधिवक्ताओं से वसूली पर वो एकजुट होकर हंगामे पर उतारू हो गए।
नैनीताल में नगर पालिका द्वारा बाहरी दोपहिया वाहनों (बाइकों) पर ₹100 का टोल टैक्स (चुंगी) लागू करने के बाद भारी बवाल शुरू हो गया है।
नोएडा की एक निजी कंपनी (एमजी इंफ्रा सॉल्यूशन) को पालिका द्वारा ₹24.55 करोड़ में टोल वसूली का टेंडर दिए जाने के बाद, बुधवार (15 जुलाई 2026) रात से ही यह टैक्स वसूलना शुरू किया गया। इसका स्थानीय अधिवक्ताओं और राजनीतिक नेताओं ने कड़ा विरोध किया है और कई जगह जबरन वसूली रुकवा दी है।
शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। नगर पालिका नैनीताल ईओ से वार्ता कर दोपहिया वाहनों पर टोल वसूली पर रोकने की बात कही। उन्होंने ये भी कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट)









