वन्यजीव हमले के पीड़ितों को बड़ी राहत, गंभीर घायलों के इलाज का पूरा अतिरिक्त खर्च उठाएगी धामी सरकार

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चम्पावत, प्रेस 15 न्यूज। मानव-वन्यजीव संघर्ष में घायल होने वाले लोगों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब वन्यजीवों के हमले में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के इलाज पर आयुष्मान योजना की निर्धारित सीमा से अधिक आने वाला खर्च भी मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा। इससे पीड़ितों और उनके परिजनों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि शासन की ‘उत्तराखण्ड मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली-2024’ के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।

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इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में यदि किसी घायल के इलाज का खर्च आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख की सीमा से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि का भुगतान बिलों के सत्यापन के बाद सीधे संबंधित अस्पताल को मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यदि किसी विशेष या आकस्मिक स्थिति में पीड़ित आयुष्मान योजना से बाहर किसी अन्य अस्पताल में इलाज कराता है, तब भी जिलाधिकारी की संस्तुति पर मुख्यमंत्री राहत कोष से भुगतान किया जा सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत जिन पीड़ितों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है या जिनका उपचार आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है, उन्हें भी राहत मिलेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के सत्यापन और जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद उनके इलाज का खर्च भी मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ितों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उपचार से जुड़ी सभी औपचारिकताएं संबंधित वन प्रभाग और अस्पताल प्रशासन मिलकर पूरी करेंगे। सभी बिलों का सत्यापन होने के बाद भुगतान सीधे अस्पताल के खाते में किया जाएगा।

(गणेश दत्त पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार लोहाघाट से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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