
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। लामाचौड़ स्थित आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल (APS) में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का उत्सव पूरे उत्साह, पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया, जहाँ नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक कुमाऊँनी वेशभूषा धारण कर सभी का मन मोह लिया। कुमाऊँनी व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें बच्चों ने स्थानीय पकवानों की विशेषताओं और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। वहीं हरेला विषय पर बनाई गई सुंदर चित्रकृतियों के माध्यम से प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
सांस्कृतिक संध्या में बच्चों ने कुमाऊँनी लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों की भरपूर सराहना बटोरी। पूरा विद्यालय उत्तराखंड की लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के रंग में रंगा दिखाई दिया।
विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी, संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का उत्सव है। यदि बच्चों को बचपन से ही अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, तो वे न केवल अच्छे नागरिक बनेंगे, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और हरियाली के सच्चे प्रहरी भी बनेंगे। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि संस्कारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को हरेला पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया।









