हाल ए लोहाघाट: बोर्ड पर ‘उप जिला चिकित्सालय’, हकीकत में अब भी सीएचसी!

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लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘मॉडल जिला चंपावत’ के दावों के बीच लोहाघाट का सबसे व्यस्त सरकारी अस्पताल आज भी अपनी वास्तविक पहचान पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। नाम के आगे ‘उप जिला चिकित्सालय’ का बोर्ड जरूर लगा है, लेकिन हकीकत यह है कि अस्पताल आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मानकों और सीमित बजट पर संचालित हो रहा है।

जिले के चार में से तीन विकासखंडों के अलावा नेपाल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल जनपद की सीमा से लगे क्षेत्रों के हजारों लोगों का इलाज इसी अस्पताल में होता है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2021 में इसे उप जिला चिकित्सालय (एसडीएच) का दर्जा देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

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स्थिति यह है कि अस्पताल में वर्तमान में नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित चार इंडोर डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। प्रतिदिन 30 से 35 मरीज भर्ती हो रहे हैं, जबकि ओपीडी भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा बाल रोग के मरीजों का दबाव लगातार बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं जवाब देने लगी हैं।

सीमित संसाधनों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के प्रयासों से किसी तरह व्यवस्था संभाली जा रही है, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न करना पड़े।

फिलहाल अस्पताल केवल 15 से 16 लाख रुपये के वार्षिक चिकित्सालय प्रबंधन समिति के बजट पर चल रहा है, जो बढ़ती जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए सभी औपचारिकताएं पूरी कर 56 पृष्ठों का नया प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेज दिया है। अब लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह मांग जल्द पूरी होगी।

क्या बोले चिकित्सा अधीक्षक

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल पर दबाव काफी बढ़ गया है। इस संबंध में पूरी स्थिति मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में ला दी गई है।

सीएमओ बोले— लोहाघाट सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने कहा कि पहले इस संबंध में उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद नए सिरे से सभी औपचारिकताएं पूरी कर उप जिला चिकित्सालय का प्रस्ताव महानिदेशालय भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही लोहाघाट अस्पताल को उप जिला चिकित्सालय का पूर्ण दर्जा मिलेगा। उनका कहना है कि जिला चिकित्सालय के बाद लोहाघाट उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।

(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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