
मुक्तेश्वर, प्रेस 15 न्यूज। हिमालय की मनोरम वादियों में बसे मुक्तेश्वर के गहना गांव स्थित रमा राजेश्वरी भवन में आयोजित पांच दिवसीय “आध्यात्मिक मीडिया संचार” प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया।
6 से 11 जून तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में देशभर से पहुंचे ब्रह्माकुमारी संस्थान के मीडिया समन्वयकों, बहनों और भाइयों ने प्रतिभाग कर क्षेत्र के पत्रकारों और आमजन के बीच सकारात्मक एवं समाधानपरक पत्रकारिता के नए आयामों पर मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिचय एवं प्रेरण प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) के साथ हुआ, जिसमें मीडिया के माध्यम से आध्यात्मिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सकारात्मक सोच को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक चिंतन और रचनात्मक संवाद से ओतप्रोत रहा।
प्रशिक्षण सत्रों को संबोधित करते हुए बीके सुनीता दीदी, चार दशकों से ब्रह्माकुमारी सेवाओं से जुड़े बीके सुशांत भाई और बीके गणेश भाई ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया केवल समाचारों का वाहक नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। यदि मीडिया में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश हो जाए तो वह जनमानस को नई दिशा और नई दृष्टि प्रदान कर सकता है।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड मीडिया स्टडीज (SIMS) के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप माथुर ने मीडिया के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की पत्रकारिता को केवल सूचना तक सीमित न रहकर मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को भी आत्मसात करना होगा। इससे मीडिया की विश्वसनीयता और सामाजिक उपयोगिता दोनों बढ़ेंगी।
मीडिया मैप के मैनेजिंग एडिटर चन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब मीडिया सकारात्मकता और आध्यात्मिकता के साथ आगे बढ़ता है, तब वह केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करता, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बन जाता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा पांच दिवसीय प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। प्रशिक्षण में संवाद कौशल, सकारात्मक पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया की भूमिका, सोशल मीडिया प्रबंधन, प्रभावी जनसंचार और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
लगभग 25 प्रतिभागियों की सहभागिता वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मीडिया के क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और समाज निर्माण के संदेश को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
गहना गांव की पावन धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि मीडिया को नकारात्मकता से सकारात्मकता, सनसनी से समाधान और सूचना से प्रेरणा की ओर ले जाने वाले एक व्यापक अभियान के रूप में उभर रहा है। प्रतिभागियों का विश्वास है कि यह पहल भविष्य में समाज में सकारात्मक संवाद और नैतिक पत्रकारिता की मजबूत नींव रखेगी।









