रक्षक या भक्षक? कैंचीधाम में नशे में धुत पुलिसकर्मियों पर बहन-बेटियों से छेड़छाड़ का आरोप, फूटा जनाक्रोश

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कैंची धाम, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में स्थापना दिवस मेले की तैयारियों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिस पुलिस पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है, उसी पुलिस के दो जवानों (एक एएसआई दूसरा कॉस्टेबल) पर शनिवार रात करीब 10 बजे नशे की हालत में युवतियों से अभद्रता और छेड़छाड़ के आरोप लगने के बाद क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश फैल गया।

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15 जून को होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले के लिए नैनीताल पुलिस ने पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया है। इन जवानों को स्थानीय लोगों के होमस्टे और गेस्ट हाउसों में ठहराया गया है।

आरोप है कि उधम सिंह नगर से आए दो पुलिसकर्मियों एसएसआई जगदीश प्रसाद और कांस्टेबल जितेंद्र कुमार ने शनिवार रात शराब का सेवन किया और रात करीब दस बजे होमस्टे में रह रही दो युवतियों, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, व्यापारी और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की। माहौल इतना गरमा गया कि देर रात तक क्षेत्र में तनाव बना रहा।

सीओ भवाली रविकांत सेमवाल के अनुसार, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों का एल्कोमीटर टेस्ट कराया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

ट्रैफिक व्यवस्था नहीं, दहशत का माहौल बना दिया

घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सिर्फ आरोपी पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि इस बार कैंचीधाम मेले के नाम पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र में भय और दबाव का माहौल बना दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से कैंचीधाम का मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से होता आया है, लेकिन इस बार व्यवस्था के नाम पर आम नागरिकों, व्यापारियों और ग्रामीणों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस का रवैया सहयोगात्मक कम और दबाव बनाने वाला अधिक दिखाई दे रहा है।

एसएसपी के खिलाफ लगे नारे

पुलिसकर्मियों की काली करतूत सामने आने के बाद प्रदर्शन के दौरान एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। लोगों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मेला ड्यूटी पर तैनात जवान ही नशे में धुत होकर महिलाओं से दुर्व्यवहार करने लगें तो आम जनता किस पर भरोसा करे।

लोग कहते नजर आए कि दो दिन पहले कैंची धाम में व्यवस्थाओं की तैयारियों से जुड़ी हल्द्वानी में हुई बैठक में यही एसएसपी मंजूनाथ टीसी एक जवान को मोबाइल पर बात करने पर फटकार रहे थे। और आज कैंची धाम क्षेत्र को शर्मसार करने वाली घटना पर खामोश हैं। मौके पर आना भी जरूरी नहीं समझा।

सबसे बड़ा सवाल: क्या इसी तरह चलेगी पुलिसिंग?

कैंचीधाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पावन क्षेत्र में यदि वर्दीधारी जवानों पर ही महिलाओं से अभद्रता के आरोप लगें तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि पुलिस की छवि पर भी गंभीर आघात है।

लोग पूछ रहे हैं कि क्या नैनीताल जिले में कानून-व्यवस्था का मतलब अब केवल सख्ती, दबाव और आम नागरिकों को परेशान करना रह गया है? क्या वर्दी का रौब कानून से ऊपर हो गया है? और यदि सुरक्षा देने वाले ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाएं तो फिर जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस विभाग आरोपी जवानों पर केवल औपचारिक कार्रवाई करता है या फिर ऐसा उदाहरण पेश करता है जिससे वर्दी की गरिमा पर लगे दाग को कुछ हद तक धोया जा सके।

(नोट: छेड़छाड़ और अभद्रता के आरोपों की जांच जारी है। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की गई है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

(वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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