नैनीताल: पहाड़ के अन्नदाता के हिस्से फिर आया दर्द, ओलावृष्टि ने उजाड़े खेत और सपने

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नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। पहाड़ का अन्नदाता किसान साल भर कड़ी मेहनत करता है ठंड, बारिश और कठिन हालातों से जूझते हुए इस उम्मीद में कि फसल अच्छी होगी तो परिवार का गुजारा चल सकेगा।

लेकिन हर बार उसकी उम्मीदों पर कोई न कोई चोट पड़ ही जाती है। कभी प्रकृति की मार तो कभी सिस्टम की अनदेखी, किसान के हिस्से अक्सर सिर्फ संघर्ष और नुकसान ही आता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब बेमौसम ओलावृष्टि ने उसकी सालभर की मेहनत को पल भर में तबाह कर दिया।

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नैनीताल जिले के ओखलकांडा, धारी और रामगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में हुई भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी है। खेतों में लहलहा रही फसलें और बागानों में तैयार खड़े फल बुरी तरह बर्बाद हो गए हैं। आलू, मटर जैसी नगदी फसलों के साथ-साथ सेब, नाशपाती, प्लम, आड़ू और चुस्किया जैसे फल भी इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गए।

इस आपदा ने पहाड़ की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है और भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। जिन फसलों से उन्हें सालभर की आमदनी की उम्मीद थी, वे अब पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं।

स्थानीय काश्तकार चंदन नयाल ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।

(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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