
भवाली/नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। हाईकोर्ट ने विश्व प्रसिद्ध के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायालय ने कैंची धाम ट्रस्ट को याचिका में पक्षकार (प्रतिवादी) बनाने के निर्देश दिए हैं, वहीं आरोप लगाने वाले पिथौरागढ़ निवासी ठाकुर सिंह डसीला को भी नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
ठाकुर सिंह डसीला ने उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर कैंची धाम मंदिर के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। न्यायालय ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया। मामले की सुनवाई 18 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति की खंडपीठ के समक्ष हुई, जिसकी आदेश प्रति अब प्राप्त हो सकी है।
सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) सी.एस. रावत ने नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट से प्राप्त निर्देशों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। वहीं कैंची हनुमान मंदिर एवं आश्रम के सचिव तथा ट्रस्टी सदस्य की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए ट्रस्ट को याचिका में पक्षकार बनाए जाने का अनुरोध किया गया। न्यायालय ने इस मांग को स्वीकार करते हुए ट्रस्ट को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने के निर्देश जारी किए।
इसके साथ ही अदालत ने पत्र लिखकर आरोप लगाने वाले ठाकुर सिंह डसीला को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस मामले में अधिवक्ता धर्मेंद्र बड़थ्वाल को न्यायमित्र (Amicus Curiae) भी नियुक्त किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की गई है।
पत्र में मंदिर ट्रस्ट के नाम, उसके पंजीकरण, ट्रस्टियों की संख्या एवं उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं। इसके अतिरिक्त आरोप लगाया गया है कि मंदिर में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाता। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जहां श्री बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम का संचालन अधिनियम के तहत किया जाता है, वहीं जागेश्वर मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में होता है।
पत्र के माध्यम से ट्रस्ट डीड, पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, ट्रस्टियों का विवरण, संपत्तियों और वार्षिक रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की गई है। अब न्यायालय में सभी पक्षों के शामिल होने के बाद, मामले की विस्तृत सुनवाई आगामी तिथि पर की जाएगी।









