हल्द्वानी: पूर्व सैनिकों के लिए स्वरोजगार का नया रास्ता, जानिए “उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026”

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। राज्य के वीर सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार तलाशने वाले के बजाय रोजगार सृजक (Job Creators) के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026 (UVUY-2026) शुरू की है।

आज पूर्व सैनिकों को योजना से अवगत कराने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र हल्द्वानी के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता के निर्देशन में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल रमेश सिंह (सेनि) और जिला उद्योग केंद्र के प्रबन्धक रॉबिन सिंह ने जिलेभर से आए करीब 80 पूर्व सैनिकों की योजना से जुड़ी जिज्ञासा का शांत किया।

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इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के शैलेंद्र सिंह ने डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पूर्व सैनिकों को योजना के आवेदन की प्रक्रिया को समझाया। इस अवसर पर जिला पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्कष रहे कर्नल बीएस रौतेला (सेनि) ने प्रेरणादाई उदाहरणों के माध्यम से पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जागरूकता कार्यशाला के आयोजन के लिए जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता और टीम का भी आभार जताया। खादी ग्रामोदयोग अधिकारी केएस कर्म्याल ने भी पूर्व सैनिकों का मार्गदर्शन किया।

वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी योजना

योजना की अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू होकर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 की संचालन अवधि तक रहेगी। योजना के लागू होने की तिथि से वित्तीय वर्ष 2026-27 से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य का 10 प्रतिशत राज्य के पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेगा।

कारोबार के लिए 25 लाख तक का ऋण

योजना के तहत विनिर्माण से संबंधित उद्यमों के लिए अधिकतम ऋण सीमा 25 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। वहीं सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र से संबंधित उद्यमों के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण लिया जा सकेगा।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग होगा नोडल विभाग

उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग नोडल विभाग होगा। योजना का संचालन राज्य स्तर पर उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड तथा जनपद स्तर पर जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा।

कौन माने जाएंगे पूर्व सैनिक?

योजना में पूर्व सैनिक से आशय ऐसे व्यक्ति से है, जिसने थल सेना (Army), नौसेना (Navy), वायु सेना (Air Force), अग्निवीर एवं अर्द्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB, Assam Rifles अथवा NSG) में किसी भी रैंक पर, चाहे वह योद्धा के रूप में हो या गैर-योद्धा के रूप में, सेवा की हो और अपनी सेवा अवधि पूरी करने के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुआ हो।

ये हैं प्रमुख पात्रता शर्तें

आवेदक को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 में निर्धारित सभी अहर्ताओं एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त

1. आवेदक पूर्व सैनिक होना चाहिए।

2. आवेदक का नाम जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, उत्तराखंड में पंजीकृत होना चाहिए। यह शर्त सैनिक बच्चों के आवेदकों के लिए लागू नहीं होगी।

3. ऐसे पूर्व सैनिक जो विभागों में उपलब्ध/आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं, वे इस योजना के लिए अपात्र होंगे।

सभी पात्र गतिविधियां होंगी अनुमन्य

योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 में अनुमन्य सभी गतिविधियां पात्र होंगी। यानी पूर्व सैनिक अपनी पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार स्वरोजगार के लिए उद्यम स्थापित कर सकेंगे।

उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026 से सेवानिवृत्त सैनिकों को अपने अनुभव और कौशल के आधार पर नया उद्यम खड़ा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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