
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर शनिवार को सरोवर नगरी में भव्य पिंक रैली निकाली गई।
अक्टूबर माह को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाते हुए आशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित रैली में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा और पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती समेत शहर के विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं, बैंकिंग संस्थानों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
रैली का मुख्य संदेश था “स्तन कैंसर में समय से पहचान ही सबसे बड़ी सुरक्षा”। लोगों ने एकजुट होकर रैली के माध्यम से महिलाओं को बीमारी के प्रति सजग रहने, समय पर जांच कराने और इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने का संदेश दिया।
रैली में बिड़ला विद्या मंदिर, एलपीएस, सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल, ऑल सेंट्स कॉलेज, रामा मोंटेसरी स्कूल, एमएलबीवीएम, बीवीएम ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के साथ ही एसबीआई, कुर्मांचल बैंक, एचडीएफसी, नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, रोटरी क्लब सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
फ्लैट्स मैदान से माल रोड तक गूंजा जागरूकता का संदेश
रैली मल्लीताल फ्लैट्स मैदान से शुरू हुई और माल रोड होते हुए तल्लीताल स्थित इंडिया होटल तक पहुंची। इसके बाद रैली वापस फ्लैट्स मैदान पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली के दौरान लोगों को स्तन कैंसर के जोखिम, समय पर पहचान और जागरूकता की आवश्यकता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसर में स्तन कैंसर की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत बताई जाती है और कैंसर के मामलों में यह प्रमुख स्थान पर है। आयोजकों के अनुसार वर्ष 2020 तक करीब 18 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर की पहचान की गई थी। बताया गया कि स्तन कैंसर से होने वाली मौतों को कम करने में समय पर पहचान और उपचार की महत्वपूर्ण भूमिका है।
आयोजकों ने यह भी बताया कि भारत में स्तन कैंसर के मामले चिंता का विषय हैं और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल तथा गुजरात सहित कई राज्यों में इसके मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं। स्तन कैंसर के साथ-साथ गर्भाशय, कोलोरेक्टल, अंडाशय और पेट के कैंसर जैसे गंभीर रोगों के प्रति भी जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
‘पिंक’ का संदेश भी बताया
कार्यक्रम के दौरान PINK शब्द का अर्थ Prevention, Investigation, No Fear and Knowledge बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्तन कैंसर को लेकर डरने के बजाय इसके प्रति जानकारी हासिल करना, समय पर जांच कराना और जागरूक रहना जरूरी है। अमेरिका में वर्ष 1980 में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाने का उदाहरण देते हुए भारत में भी जागरूकता को इस बीमारी से होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्या, पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, अनिल शर्मा, आयोजक सचिव आशा शर्मा, डॉ. स्मिता सिंह, डॉ. गर्भयाल, डॉ. अरुण मिश्रा, संध्या डालाकोटी और ईशा साह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रैली ने शहर में यह संदेश दिया कि स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट ✍️)









