सुरक्षा नियमों की धज्जियां, आज हल्द्वानी से गौलापार तक तीन कारोबारी हुए बेनकाब

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी में अमेजन गोदाम में लगी भीषण आग में दो लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस हादसे ने केवल दो जिंदगियां ही नहीं छीनीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऐसा प्रतीत होता है कि हल्द्वानी में नियम-कायदों को ताक पर रखकर व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था लंबे समय से गहरी नींद में है।

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एक के बाद एक ऐसे प्रतिष्ठान सामने आ रहे हैं, जहां बिना आवश्यक अग्निशमन मानकों और फायर एनओसी के कारोबार चलाया जा रहा था। यदि प्रशासनिक जांच इसी गंभीरता के साथ आगे बढ़ी तो हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े अस्पतालों, गोदामों और नामी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की हकीकत भी सामने आ सकती है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशानुसार सोमवार को उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में प्रशासन, अग्निशमन विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान गोलापार स्थित एन.एच. मार्ट, रुकैया ट्रेडिंग कम्पनी, शनि बाजार स्थित मेडी सेन्टर हॉस्पिटल तथा रामपुर रोड स्थित रूद्रा ट्रेडर्स का स्थलीय निरीक्षण किया गया। टीम ने प्रतिष्ठानों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन एवं अन्य सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया।

जांच में गोलापार स्थित एन.एच. मार्ट, रुकैया ट्रेडिंग कम्पनी तथा रामपुर रोड स्थित रूद्रा ट्रेडर्स के पास अग्निशमन विभाग से जारी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) उपलब्ध नहीं पाया गया। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी कर दिए हैं तथा सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के निरीक्षण में बरेली रोड स्थित नेरोलक पेंट गोदाम और फ्लिपकार्ट गोदाम में बिना फायर NOC के संचालित होते पकड़ा गया था। साफ है अगर सलीके से जांच की जाए तो लपेटे में हल्द्वानी के कई नामचीन अस्पतालों से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान सामने आएंगे।

प्रशासन ने अन्य प्रतिष्ठानों के अभिलेखों एवं लाइसेंसों की भी जांच करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में भी ऐसे संयुक्त निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि जब ये प्रतिष्ठान लंबे समय से बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे थे, तब संबंधित जिम्मेदार विभाग आखिर क्या कर रहे थे? अमेजन गोदाम जैसी त्रासदी के बाद ही यदि व्यवस्था जाग रही है, तो यह चिंता का विषय है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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