
दिल्ली/ रानीखेत, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड के रानीखेत की बेटी सुश्री गरिमा जोशी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित तृतीय डॉ. रमा सहारिया मेमोरियल अवॉर्ड समारोह में अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए उत्तराखंड का मान बढ़ाया।
कला प्रदर्शन एवं विशिष्ट कौशल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गरिमा जोशी को प्रतिष्ठित “डॉ. रमा सहारिया स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न प्रदेशों से चयनित आठ प्रतिभाशाली महिलाओं को उनके-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
एमबीकेएम फाउंडेशन की ओर से एनईए सभागार, दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों, विद्वानों, शिक्षाविदों, टेक्नोक्रेट, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों का जमावड़ा रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व गृह मंत्री सुबोध कांत सहाय रहे, जबकि भारत सरकार के पूर्व वित्त मंत्री अनिल शास्त्री, पूर्व सांसद हरकेश बहादुर, मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक डॉ. सलीलम, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. क्वीन प्रधान, जमायते इस्लामी के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सलीम इंजीनियर सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। समारोह की अध्यक्षता पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेंद्र नारायण ने की।
रानीखेत की गरिमा जोशी समेत आठ महिलाओं का सम्मान
समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वाली कुल आठ महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें उत्तराखंड के रानीखेत की सुश्री गरिमा जोशी को कला प्रदर्शन एवं विशिष्ट कौशल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान मिला।
सम्मानित होने वाली अन्य महिलाओं में
– प्रो. मंजींदर कौर, पटियाला (पंजाब) — उच्च शिक्षा और अध्यापन के क्षेत्र में दीर्घकालीन योगदान।
– उर्मल मुंजवानी, मैसूर (कर्नाटक) — प्राकृतिक चिकित्सा, योग और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान।
– नैना गौतम, दिल्ली-एनसीआर — पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में योगदान, वह प्रतिष्ठित पत्रकार एवं सस्टेनेबिलिटी कम्युनिकेटर हैं।
– सुखदीप कौर, जमशेदपुर (झारखंड) — कृषि शिक्षा, किसानों के अधिकारों की वकालत और समावेशी अवसरों के निर्माण में योगदान।
– गरिमा जोशी, रानीखेत (उत्तराखंड) — कला प्रदर्शन एवं विशिष्ट कौशल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान।
– तबस्सुम खान, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) — महिलाओं और बच्चों के कल्याण, मातृ स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में योगदान।
– अटलांटा महंता, गांधीनगर (गुजरात) — मल्टीमीडिया पत्रकारिता, अकादमिक संचार और विजुअल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में योगदान।
– आयुषी करनवाल, गुवाहाटी (असम) — कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए मॉडलिंग और इमेज मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए सम्मानित हुईं।
“महिलाएं ही असल राष्ट्र निर्माता”
मुख्य अतिथि पूर्व गृह मंत्री सुबोध कांत सहाय ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं ही असल राष्ट्र निर्माता हैं। मां, बहन या बहू के रूप में महिलाएं अपने ज्ञान और कौशल से बच्चों को तराशती हैं और यही बच्चे आगे चलकर उच्च पदों को सुशोभित करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेंद्र नारायण ने कहा कि सभ्य समाज के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है।
सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. क्वीन प्रधान ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम पहली बार देखने को मिला, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में देश की दिशा तय करने में योगदान दे रही हैं। उन्होंने इसे राष्ट्र की प्रगति का द्योतक बताया।
डॉ. रमा सहारिया के सामाजिक सरोकारों को किया याद
पूर्व वित्त मंत्री भारत सरकार श्री अनिल शास्त्री ने डॉ. रमा सहारिया के सामाजिक सरोकारों और उनके मूल्यों को याद करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को सम्मानित करना उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
वहीं, पूर्व सांसद हरकेश बहादुर ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब महिला और पुरुष मिलकर काम करेंगे।
फाउंडेशन के निदेशक एवं सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी प्रेरणादायी यात्राओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने का भी माध्यम है।
उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित करना ही प्रतिष्ठित सम्मान श्रृंखला का उद्देश्य
फाउंडेशन के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार ने कहा कि सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. रमा सहारिया की पावन स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित सम्मान श्रृंखला का उद्देश्य समाज और राष्ट्र के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं की पहचान कर उन्हें सम्मान प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के तहत शिक्षा, चिकित्सा, पर्यावरण, कृषि, मीडिया, सामाजिक सेवा, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण तथा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला प्रतिभाओं के विशिष्ट कार्यों को सम्मानित किया गया।
फाउंडेशन पदाधिकारियों ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में फाउंडेशन के संस्थापक एवं मुख्य प्रबंध निदेशक मीडिया गुरु प्रोफेसर (डॉ.) प्रदीप माथुर, निदेशक एवं उपाध्यक्ष तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता चंद्र कुमार श्रीवास्तव, डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार, संरक्षक आर.एस. अत्रोले, सीईओ डॉ. अविनाश सिंह और सचिव जगदीश गौतम ने उपस्थित अतिथियों का भव्य स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विकास राजपूत के बांसुरी वादन से हुआ, जबकि समारोह का संचालन सुप्रसिद्ध एंकर डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने किया।
समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, पत्रकार और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियों और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की गई।
रानीखेत की गरिमा जोशी का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान उत्तराखंड की महिला प्रतिभाओं के लिए भी गौरव का विषय बना और समारोह में उनकी उपलब्धि विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रही।









