
हल्द्वानी/ नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत चार आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को छह माह के लिए जनपद नैनीताल से जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, समीक्षा के बाद तीन व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।
प्रशासन के अनुसार रोहित पांडे (बेड़ाझाल, रामनगर) के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और भारतीय दंड संहिता के तहत नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। चुनाव के दौरान अपराध करने और सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग जैसे गंभीर आरोपों को देखते हुए उसे छह माह तक जनपद की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी तरह देव सिंह जाटव (गाड़ी पड़ाव, मल्लीताल) के खिलाफ चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, एनडीपीएस अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गतिविधियों को देखते हुए उसे भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है।
गौरव मेहंदी रत्ता (आवास विकास, हल्द्वानी) के खिलाफ आईपीसी और बीएनएस के तहत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वहीं हिमांशु पंत उर्फ पटाखा (आवास विकास, हल्द्वानी) पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा चोरी से संबंधित धाराओं सहित 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों को भी छह माह तक नैनीताल जनपद की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
वहीं, जिला प्रशासन ने समीक्षा के बाद चंदन टाकुली (बिंदुखत्ता), विश्वनाथ (लालकुआं) और जीवन कनवाल (काठगोदाम) के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।









