
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। सोशल मीडिया पर उठी एक शिकायत ने प्रशासन को तत्काल हरकत में ला दिया। नैनीझील में फैली गंदगी का मामला सामने आते ही प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने बिना देर किए अधिकारियों को मौके पर भेजा।
देखते ही देखते नगर पालिका, सिंचाई विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमें झील में उतर गईं और महज दो घंटे के भीतर व्यापक सफाई अभियान चलाकर नैनीझील से कूड़ा और अपशिष्ट हटाने का काम शुरू कर दिया।
यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की त्वरित कार्यशैली का उदाहरण बनी, बल्कि यह भी साबित कर गई कि जनहित के मुद्दों पर सोशल मीडिया की आवाज को गंभीरता से सुना जा रहा है।
प्रभारी जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी नैनीताल के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने झील के किनारों तथा जल क्षेत्र में जमा प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट सामग्री को हटाकर उसका नियमानुसार निस्तारण किया।
अरविंद कुमार पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नैनीझील की स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं बल्कि नियमित व्यवस्था का हिस्सा बने। उन्होंने नगर पालिका और सिंचाई विभाग को झील एवं उसमें गिरने वाले सभी नालों की लगातार सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में गंदगी झील तक पहुंच ही न सके।
उन्होंने उपजिलाधिकारी को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पूरे नगर क्षेत्र में लगातार सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से उन नालों पर निगरानी रखने को कहा गया जो सीधे नैनीझील में गिरते हैं।
प्रभारी जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि नैनीझील नैनीताल की पहचान और धरोहर है। इसकी स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति झील या नालों में कूड़ा फेंकता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जनपद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नैनीझील और नालों में कूड़ा न डालें तथा स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि जब जागरूक नागरिकों की आवाज और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई साथ आती है, तब व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई देता है।









