
चम्पावत, प्रेस 15 न्यूज। खेती-किसानी और उद्यान से जुड़े सरकारी कामकाज को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में चम्पावत में एक नई पहल शुरू हुई है। कृषि एवं उद्यान विभाग के फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया।
एक दिवसीय कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि AI के जरिए कार्यालयी कामकाज से लेकर फील्ड स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग तक को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती के आदेशों के क्रम में कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। परियोजना निदेशक अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न विकासखंडों और विभागीय कार्यालयों से कुल 35 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट ने प्रतिभागियों को AI आधारित आधुनिक डिजिटल टूल्स ChatGPT, Google Gemini और NotebookLM की जानकारी दी।
अधिकारियों को इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यालयी पत्राचार, बैठक कार्यवृत्त, प्रतिवेदन और रिपोर्ट तैयार करने, सरकारी आदेशों एवं दिशा-निर्देशों का विश्लेषण करने, बड़े दस्तावेजों का सार तैयार करने तथा विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने के तरीके बताए गए। प्रभावी प्रेजेंटेशन तैयार करने में AI के इस्तेमाल का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में फील्ड स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, सूचना संकलन और कार्य निष्पादन में AI के इस्तेमाल के उदाहरण भी साझा किए गए। अधिकारियों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग निर्णय प्रक्रिया, अभिलेख प्रबंधन, रिपोर्टिंग और जनसेवा से जुड़े कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बना सकता है। साथ ही AI से तैयार सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच और आवश्यक मानवीय सत्यापन पर भी जोर दिया गया।
परियोजना निदेशक अजय सिंह ने कहा कि बदलते समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी का व्यवहारिक उपयोग विभागीय कार्यों में करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल कर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यशाला को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए इसे उपयोगी बताया।
प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई। कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विभागीय कार्यों में लागू कर जनसेवा को और प्रभावी बनाने का विश्वास जताया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी दिनेश दिगारी, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, कृषि एवं मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. नारायण, जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









