
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। पहाड़ के एक होनहार बेटे ने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और स्वाध्याय के दम पर देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों में जगह बनाकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है।
मूलरूप से ओखलकांडा ब्लॉक के भद्रकोट गांव निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी से जुड़े अजय महरा का चयन भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक पद पर हुआ है। चयन के बाद उन्हें एक वर्ष का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके उपरांत उनकी नियुक्ति देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थान बीएआरसी मुंबई में की जाएगी।
अजय महरा शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी से हाईस्कूल में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा 9.4 सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्हें छात्रवृत्ति भी मिली। उच्च शिक्षा के लिए अजय ने एमबीजीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी से एमएससी (भौतिकी) की डिग्री हासिल की और साथ ही जेआरएफ-नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
इसी वर्ष आयोजित गेट परीक्षा में अजय ने अखिल भारतीय स्तर पर 22वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद परमाणु ऊर्जा विभाग में फिजिक्स विषय के कुल 29 वैज्ञानिक पदों के लिए हुए चयन में उन्होंने अपनी जगह बनाई।
अजय की सफलता को और भी प्रेरणादायक बनाता है उनका संघर्ष। उन्होंने अपने पूरे शैक्षणिक जीवन में कभी किसी ट्यूशन या कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और हमेशा स्वाध्याय पर भरोसा किया। उनकी माता दीपा महरा का तीन वर्ष पूर्व कैंसर से निधन हो गया था।
बीएससी की पढ़ाई के दौरान पिता के नौकरी पर रहने के कारण अजय ने अपनी मां के इलाज और देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाई। उनके पिता धरम सिंह महरा वर्तमान में आसाम राइफल्स में कार्यरत हैं। उनकी छोटी बहन काजल महरा भी प्रतिभाशाली छात्रा हैं और आईआईटी-जैम में ऑल इंडिया 325वीं रैंक हासिल कर चुकी हैं।
अजय ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया है। उनकी इस सफलता पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
(वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट ✍️)









