
पिथौरागढ़, प्रेस 15 न्यूज। सीमांत जिले के जिला महिला अस्पताल में मातृत्व का सपना एक परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन गया। प्रसव के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि नवजात शिशु की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
पिथौरागढ़ नगर से सटे किरीगांव (ऐचोली) की रहने वाली 29 वर्षीय कमला बिष्ट पत्नी पंकज बिष्ट को सोमवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उन्हें तुरंत जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में कमला ने सामान्य प्रसव के दौरान एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन खुशी के कुछ ही पलों बाद सब कुछ बदल गया।
प्रसव के बाद अचानक महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव के चलते स्थिति गंभीर हो गई। हालत नाजुक होने पर महिला का तत्काल ऑपरेशन किया गया और जान बचाने के लिए बच्चेदानी तक निकालनी पड़ी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद कुछ घंटों बाद कमला ने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में मातम में डूब गया। महिला की मौत से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कमला दूसरी बार मां बनी थी। तीन साल पहले उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन से एक बेटी को जन्म दिया था। इस बार सामान्य प्रसव कराया गया। कमला के पति भारतीय सेना में कार्यरत हैं। पत्नी की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, सामान्य प्रसव के दौरान नवजात की सांस अटक गई थी, जिससे उसकी हालत भी बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजन नवजात को लेकर अल्मोड़ा रवाना हो गए, जबकि मां हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गई।
इस घटना ने एक तीन साल की मासूम बच्ची से उसकी मां छीन ली। उसे शायद यह भी एहसास नहीं कि अस्पताल जाते समय मां के साथ बिताए गए वे पल आखिरी थे।
जिला महिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने बताया कि महिला का पहला प्रसव सिजेरियन से हुआ था। इस बार परिजनों के आग्रह पर सामान्य प्रसव कराया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की हालत बिगड़ गई। उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, पर सफलता नहीं मिल सकी।









