
देहरादून/ चमोली, प्रेस 15 न्यूज। 25 साल के उत्तराखंड की यह तस्वीर विचलित और परेशान करने वाली है। अब नौनिहाल स्कूल में भी सुरक्षित नहीं हैं और इस बार वजह जंगली जानवर हैं। चमोली में आज सुबह जो हुआ, उसने हर उत्तराखंडी को यह सोचने को मजबूर कर दिया क्या इसी दिन के लिए अलग उत्तराखंड की मांग की थी। क्या ऐसे उत्तराखंड में पलायन रुकेगा जब बच्चे तक सुरक्षित नहीं।
चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब एक भालू स्कूल परिसर में घुसकर कक्षा छह के छात्र को उठाकर झाड़ियों की ओर ले गया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद शिक्षकों और अन्य छात्रों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते बच्चे की जान बचा ली।
घटना जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर की है। सुबह की कक्षाओं के दौरान अचानक स्कूल में अफरातफरी मच गई, जब भालू ने छात्र आरव पर हमला कर उसे उठा लिया। यह दृश्य देख अन्य बच्चे दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए कक्षाओं में छिप गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भालू ने कक्षा का दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की।
हालांकि, कुछ शिक्षकों और बच्चों ने हिम्मत दिखाते हुए भालू का पीछा किया और शोर मचाकर उसे भगाने में सफल रहे। झाड़ियों से आरव को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्चे के शरीर पर भालू के नाखूनों के निशान हैं, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद स्कूल परिसर में भय और तनाव का माहौल है। अपने साथी की हालत देख कई बच्चे रोते-बिलखते नजर आए। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले भी इसी स्कूल के एक छात्र पर रास्ते में भालू ने हमला किया था, जिससे स्थानीय लोगों में पहले से ही डर बना हुआ था।
भालू के आतंक से सहमे पहाड़ी इलाके, वन विभाग अलर्ट
उधर, जौलीग्रांट के थानो वन रेंज क्षेत्र में भी भालुओं की लगातार सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। हाल ही में गडूल पंचायत के कमेठ (सोड) गांव में खेत में घास काटने गई एक महिला पर दो भालुओं ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद पूरे इलाके में भय का माहौल व्याप्त है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानो वन रेंज द्वारा छह सदस्यीय वन प्रहरी टीम का गठन किया गया है। यह टीम भालू संभावित क्षेत्रों में स्थित स्कूलों तक बच्चों को सुरक्षित पहुंचाने का कार्य कर रही है। साथ ही जंगल जाने वाली महिलाओं के साथ भी वन कर्मी आवाजाही कर रहे हैं।
भालू की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर लाइटें लगाई गई हैं और भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अकेले जंगल या सुनसान रास्तों पर न जाने की अपील की है।









