
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जनपद नैनीताल में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि, तय दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के दबाव की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
शिक्षा को व्यवसाय बनाए जाने पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने निजी विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा एक परोपकारी गतिविधि है, न कि लाभ कमाने का माध्यम। सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के निर्णयों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी निजी विद्यालय अभिभावकों पर फीस, पाठ्य-पुस्तकों या यूनिफॉर्म को लेकर व्यावसायिक दबाव नहीं बना सकता।
जारी आदेश के अनुसार कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों या विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) से परामर्श किए बिना फीस नहीं बढ़ा सकेगा। फीस वृद्धि के लिए ठोस और लिखित औचित्य देना अनिवार्य होगा, जिसे पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखना होगा। जांच लंबित रहने की स्थिति में जिलाधिकारी अथवा मुख्य शिक्षा अधिकारी फीस वृद्धि पर रोक भी लगा सकेंगे।
यूनिफॉर्म को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी विशेष दुकान या विक्रेता से ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यूनिफॉर्म ऐसी होनी चाहिए जो सामान्य बाजार में आसानी से उपलब्ध हो और बिना ठोस कारण बार-बार यूनिफॉर्म बदली नहीं जाएगी।
पाठ्य-पुस्तकों के संबंध में कहा गया है कि NCERT/SCERT अथवा शासन द्वारा अनुमन्य पाठ्यक्रम की पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी विशेष प्रकाशक या दुकान से किताबें खरीदने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव डालना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही कापियों पर विद्यालय का लोगो छापने पर भी रोक लगाई गई है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विद्यालय को अपना फीस स्ट्रक्चर, यूनिफॉर्म और पुस्तक सूची विद्यालय परिसर के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट (यदि उपलब्ध हो) पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले यह समस्त जानकारी अभिभावकों को उपलब्ध करानी होगी और निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा।
जिलाधिकारी के आदेश के तहत जनपद के सभी निजी विद्यालयों का निरीक्षण मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और नामित जांच समिति द्वारा किया जाएगा। निरीक्षण निर्धारित चेक-लिस्ट के अनुसार होगा और रिपोर्ट अभिलेखीय साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करनी होगी।
निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही शासन और निदेशालय को रिपोर्ट भेजते हुए मान्यता निलंबन या प्रत्याहरण की संस्तुति की जाएगी। इसके अलावा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनपद नैनीताल के सभी निजी विद्यालयों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसका उद्देश्य छात्र-हित और अभिभावकों को राहत देना है।









