
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। आस्था, अध्यात्म और कठिन हिमालयी यात्रा का प्रतीक मानी जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 04 जुलाई से शुरू होगी।
भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश और पवित्र मानसरोवर के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 05 जुलाई को टनकपुर स्थित टीआरसी से प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंडल आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 04 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 05 जुलाई 2026 को टनकपुर स्थित टूरिस्ट रेस्ट सेंटर (टीआरसी) से श्रद्धालुओं के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर लिपुलेख-गुंजी के लिए रवाना करेंगे।
बैठक में दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद पिथौरागढ़ और चंपावत के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों, कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जाए तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल और सुगम आवागमन की सभी व्यवस्थाएं यात्रा शुरू होने से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। यात्रा मार्ग पर स्थित सभी पड़ावों पर समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कुल 10 दल रवाना होंगे, जिनमें प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु शामिल होंगे। टनकपुर से प्रारंभ होने वाली यात्रा की अवधि 18 दिन निर्धारित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बताया गया कि यात्रा के दौरान भूस्खलन और भारी वर्षा जैसी संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी।
विषम परिस्थितियों में श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्था भी की गई है। वहीं, यात्रा मार्ग पर सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने के लिए बीआरओ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सभी संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी तैनात रहेगी।
मंडल आयुक्त दीपक रावत ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चंपावत, जिलाधिकारी पिथौरागढ़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, पुलिस अधीक्षक चंपावत, बीआरओ चीफ तथा केएमवीएन के महाप्रबंधक मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









