
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर शनिवार रात करीब 10 बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं।
तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आने से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में ऐसा मंजर था जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
मृतकों में गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी 17 वर्षीय राहुल राजपूत, गोरापड़ाव निवासी 25 वर्षीय शिवम, बेरीपड़ाव निवासी 20 वर्षीय अंशु आर्य और 18 वर्षीय आदित्य टम्टा शामिल हैं। चारों दोस्त घर से निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
राहुल राजपूत की मौत की खबर मिलते ही उसकी मां, दोनों बहनें और भाई अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में राहुल की बहन कभी डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर भाई को बचाने की गुहार लगाती रही तो कभी पुलिसकर्मियों से बिलखते हुए कहती रही—”साहब… मेरे भाई को जिंदा कर दो।” उसकी चीखें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।
जब पुलिस पोस्टमार्टम के लिए राहुल का शव मोर्चरी ले जाने लगी तो परिजन शव से लिपट गए। मां, बहनें और भाई काफी देर तक उसे छोड़ने को तैयार नहीं हुए। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस शव को मोर्चरी ले जा सकी। राहुल दो भाइयों और दो बहनों में से एक था और लालकुआं स्थित एक वायर कंपनी में काम करता था।
दूसरी ओर, पेंट का काम करने वाले 25 वर्षीय शिवम का शव देखकर उसके माता-पिता बेसुध हो गए। बड़ा भाई आकाश, शिवम के शव को लेकर सीधे आईसीयू पहुंच गया।
डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद भी वह बार-बार कहता रहा कि “एक बार फिर जांच कर लीजिए… शायद मेरा भाई जिंदा हो।” उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने कुछ देर के लिए शव आईसीयू तक ले जाने दिया। इसके बाद उसे बाहर लाया गया।
तीसरे मृतक अंशु आर्य की पहचान उसके साथियों ने की। देर रात तक उसके परिजन अस्पताल नहीं पहुंच सके थे। वहीं, चौथे मृतक आदित्य टम्टा के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चारों युवक फ्लाईओवर पर खड़े थे, तभी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि युवक गलत दिशा में थे, जिससे दुर्घटना हुई।
हालांकि पुलिस ने किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि फ्लाईओवर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
फुटेज के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के समय युवक किस स्थिति में थे और स्कॉर्पियो किस रफ्तार व दिशा में आ रही थी। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।
फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने चार परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है। एसटीएच में गूंजती चीखें और अपनों को अंतिम बार देखने की बेबसी देर रात तक हर मौजूद व्यक्ति के दिल को झकझोरती रही।









