
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेना किसानों के लिए पहले जितना आसान नहीं रहा। कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि सहित किसी भी योजना का फायदा तभी मिलेगा जब वो फार्मर रजिस्ट्री कराएंगे।
हैरानी की बात यह है कि 53 हजार किसानों वाले जिले में अभी तक सिर्फ 7 हजार किसानों ने ही रजिस्ट्री कराई है, जबकि बाकी 46 हजार किसान लाभ से वंचित होने के कगार पर हैं।
कृषि विभाग द्वारा इन दिनों किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिले में अब तक केवल सात हजार किसानों का पंजीकरण हो पाया है।
जबकि जिले में कुल करीब 53 हजार किसान हैं। ऐसे में विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शेष किसानों ने जल्द रजिस्ट्री नहीं कराई, तो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार की एग्री स्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) योजना के तहत यह रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। नैनीताल जिले के किसानों की भूमि का सत्यापन पटवारी और राजस्व विभाग द्वारा किया जा चुका है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में किसान रजिस्ट्री से वंचित हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या किसानों के मोबाइल नंबर का आधार से लिंक न होना है, जिसके चलते पंजीकरण में दिक्कत आ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए गांव-गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के बाद किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत मिलेगी और योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराएं, अन्यथा भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।









