
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी में संचालित मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों पर शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।
औचक निरीक्षण में कुछ संस्थानों में बिना पर्याप्त संसाधनों और आवश्यक उपकरणों के ही प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई।
मामले को गंभीर मानते हुए दो संस्थानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि एक ट्रेनिंग सेंटर का संचालन अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि सभी मानकों और व्यवस्थाओं के पूरा होने तक संबंधित संस्थानों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को हल्द्वानी क्षेत्र में संचालित मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय एवं सम्भागीय परिवहन अधिकारी गुरूदेव सिंह द्वारा औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई प्रशिक्षण संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि कुछ ट्रेनिंग स्कूलों के पास न तो पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक उपकरण, इसके बावजूद प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा देव भूमि मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, जय दुर्गा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल एवं कुमाऊं मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का निरीक्षण किया गया।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि दो प्रशिक्षण संस्थानों में देव भूमि मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, जय दुर्गा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं निर्मल मोटर ट्रेनिंग स्कूल का पंजीकरण रामनगर में होने के बावजूद हल्द्वानी के आरटीओ रोड पर भी संचालन किया जा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई के तहत अगले आदेश तक उक्त प्रशिक्षण केंद्र को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जबतक इन तीनों ड्राईविंग स्कूलों में पूरे संसाधन पार्किंग व्यवस्था, उपकरण आदि की व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक इनका संचालन बंद रहेगा। कुमाऊं मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में सभी व्यवस्थाएं सही पाई गई।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि देव भूमि एवं जय दुर्गा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों के ऑनलाइन पोर्टल संचालित नहीं पाए गए। एक व्यक्ति द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर फीस जमा कराने की शिकायत पर जांच की गई, जिसमें संबंधित संस्थान का लाइसेंस निरस्त पाया गया। फीस के नाम पर लिए गए 1100 रुपये भी वापस कराया गया।
अपर जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि परिवहन विभाग से संबंधित कार्य सीधे आरटीओ कार्यालय के माध्यम से ही कराएं, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी एवं अनियमितता से बचा जा सके।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी हल्द्वानी प्रमोद कुमार, एआरटीओ एके सिंह, तहसीलदार कुलदीप पाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









