
ज्योलीकोट, प्रेस 15 न्यूज। काश उस वक्त हेलमेट पहन लिया होता… तो शायद आज अर्जुन जिंदा होता और परिवार यूं बिखरता नहीं। एक छोटी सी लापरवाही ने रविवार को खुशहाल घर को मातम में बदल दिया। स्कूटी फिसली, सिर पर गहरी चोट लगी और 34 साल की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई—पीछे छोड़ गईं सिर्फ सिसकियां और अपनों का अधूरा इंतजार।
रविवार को ज्योलीकोट क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने खुशहाल परिवार को उजाड़ दिया। स्कूटी फिसलने से घायल हुए 34 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
मिली जानकारी के अनुसार वन अनुसंधान केंद्र गांजा, ज्योलीकोट में माली के पद पर कार्यरत अर्जुन कुमार (34 वर्ष), पुत्र स्व. शंकर राम, मूल निवासी भटेलिया मुक्तेश्वर रविवार को अपनी स्कूटी (UK 04AR 9176) से घर लौट रहे थे। इसी दौरान ज्योलीकोट-गांजा मोटर मार्ग पर उनकी स्कूटी अचानक फिसल गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे उनके सिर में गहरी चोट आई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
अर्जुन कुमार के निधन से जहां वन अनुसंधान केंद्र के कर्मचारियों में शोक की लहर है, वहीं स्थानीय लोग भी सदमे में हैं। सरल और मिलनसार स्वभाव के चलते हर कोई अर्जुन को याद कर रहा है। इधर, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के मुताबिक, सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव भटेलिया मुक्तेश्वर ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
(वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट)









